न्यूयॉर्क टाइम्स ने मोदी की तारीफ की, भारत की नई डील्स पर ध्यान केंद्रित
न्यूयॉर्क टाइम्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना की है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नई डील्स की हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कैसे मोदी ने वैश्विक साझेदारियों को बढ़ावा दिया और भारत को एक नई दिशा में ले जाने का प्रयास किया। इस लेख में मोदी के दृष्टिकोण और उनकी विदेश यात्राओं के महत्व पर भी चर्चा की गई है। जानें कैसे मोदी ने भारत को एक चमकती उम्मीद बना दिया है।
Sep 2, 2026, 12:05 IST
प्रधानमंत्री मोदी की नई डील्स पर न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट
जब भारत का मीडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करता है, तो उसे गोदी मीडिया कहा जाता है। लेकिन अब एक ऐसे देश के प्रमुख समाचार पत्र ने मोदी की सराहना की है, जिस पर भारत में मोदी विरोधियों का भरोसा था। वहां से प्रधानमंत्री के खिलाफ उठी आवाज को भारत में इस तरह से प्रस्तुत किया गया जैसे वह कोई शाश्वत सत्य हो। लेकिन अब जब उसी स्रोत से मोदी के कार्यशैली की प्रशंसा हुई है, तो भारत में सन्नाटा छा गया है। यह घटना रविवार की है, जब अमेरिका के प्रमुख समाचार पत्र न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक लेख प्रकाशित किया, जिसका शीर्षक था 'स्ट्राइकिंग डील्स अराउंड वर्ल्ड: मोदी इज हेज़िंग अगेंस्ट ट्रंप'। इसका अर्थ यह है कि अमेरिका के टैरिफ दबाव और वैश्विक उथल-पुथल के बीच, भारत अपनी निर्भरता को कम करने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार नई डील्स कर रहा है।
मोदी का दृष्टिकोण और ट्रंप का दबाव
न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा है कि जब डोनाल्ड ट्रंप भारत के लिए बाधाएं उत्पन्न कर रहे थे, तब पीएम मोदी शांति से दुनिया के साथ ऐसी डील्स कर रहे थे, जिन्होंने ट्रंप के हर प्रयास को बेकार कर दिया। रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाए और डिफेंस इंडस्ट्री को बदनाम करने की कोशिश की, लेकिन पीएम मोदी का दृष्टिकोण कुछ और था। जब ट्रंप ने व्यापारिक दीवारें खड़ी कीं, तो मोदी ने ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक एफटीए की नींव रखी।
भारत की ऊर्जा नीति और वैश्विक साझेदारियां
अमेरिका ने ईरान और रूस से तेल लेने पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन पीएम मोदी ने यूएई, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के नए विकल्प खोले। भारत ने अमेरिका के दबाव के बावजूद रूस से तेल खरीदना जारी रखा और देश में पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं होने दी। पीएम मोदी की हर विदेश यात्रा का एक विशेष लक्ष्य था, जो भारत के भविष्य की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण था।
भारत की वैश्विक स्थिति
फ्रांस अब भारत का सबसे बड़ा एआई और डिफेंस पार्टनर बन गया है, जबकि साउथ कोरिया शिप बिल्डिंग में भारत के साथ मिलकर काम कर रहा है। न्यूजीलैंड ने भी भारत के साथ समुद्री सुरक्षा के लिए साझेदारी की है। न्यूयॉर्क टाइम्स के लेखक ने यह सवाल उठाया कि ट्रंप के तमाम प्रयासों के बावजूद भारत क्यों नहीं डगमगाया? इसका उत्तर है विजनरी मोदी। जब चीन की अर्थव्यवस्था कमजोर हो रही थी और पाकिस्तान मदद मांग रहा था, तब भारत एक चमकती उम्मीद बना हुआ है।
भारत का मानवीय दृष्टिकोण
पीएम मोदी ने कभी शोर नहीं मचाया, बल्कि विकल्पों पर ध्यान केंद्रित किया। ट्रंप ने भारत और चीन के बीच दरार डालने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने एसईओ और ब्रिक्स में अपनी ताकत बढ़ाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। भारत का मानवीय दृष्टिकोण तुर्की, नेपाल या बांग्लादेश के साथ हमेशा मददगार रहा है। लेखक ने एक बिच्छू और संत की कहानी के माध्यम से भारत की प्रवृत्ति को समझाया है। जापान जैसे देश ने, जो 80 वर्षों से किसी के साथ सैन्य समझौता नहीं करता था, भारत पर भरोसा किया।