न्यूयॉर्क विमान हादसे में फ्लाइट अटेंडेंट का चमत्कारिक बचाव: जानें पूरी कहानी
अमेरिका में विमान दुर्घटना का चमत्कार
अमेरिका: न्यूयॉर्क के लागार्डिया एयरपोर्ट पर एक गंभीर विमान दुर्घटना में एक अद्भुत घटना सामने आई है, जिसने सभी को चौंका दिया है। इस हादसे में जहां जान-माल का भारी नुकसान हुआ, वहीं एक फ्लाइट अटेंडेंट का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। वह विमान से सैकड़ों फीट दूर गिर गईं, फिर भी उनकी जान बच गई।
रविवार की रात को हुई इस घटना में एयर कनाडा की फ्लाइट अटेंडेंट सोलांगे ट्रेम्बले अपनी जंप सीट पर बंधी हुई थीं। टक्कर के बाद वह लगभग 330 फीट दूर जा गिरीं। इतनी गंभीर स्थिति में भी उनका जीवित रहना बेहद आश्चर्यजनक है। हालांकि, उन्हें चोटें आई हैं और उनके एक पैर में कई फ्रैक्चर हो गए हैं, जिसके लिए सर्जरी की आवश्यकता होगी।
बेटी का बयान: 'यह चमत्कार है'
सोलांगे की बेटी सारा लेपिन ने मीडिया से कहा कि जब रेस्क्यू टीम उन्हें खोजते हुए वहां पहुंची, तब भी वह अपनी सीट से बंधी हुई थीं। उनकी बेटी ने कहा कि इतनी बड़ी दुर्घटना के बाद उनकी मां का बचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने यह भी महसूस किया कि किसी अदृश्य शक्ति ने उनकी मां की रक्षा की।
दुर्घटना का कारण क्या था?
यह हादसा तब हुआ जब एयर कनाडा एक्सप्रेस का सीआरजे-900 विमान मॉन्ट्रियल से न्यूयॉर्क के लागार्डिया एयरपोर्ट पर लैंडिंग के लिए तैयार था। विमान में 72 यात्री और चार क्रू सदस्य सवार थे। लैंडिंग के दौरान, विमान एक फायर ट्रक से टकरा गया, जो रनवे पार कर रहा था।
इस भीषण टक्कर में विमान के पायलट और को-पायलट की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। हादसे के तुरंत बाद राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया और घायलों को अस्पताल भेजा गया।
सर्विलांस कैमरे में कैद हुआ दृश्य
घटना का पूरा दृश्य एयरपोर्ट के सर्विलांस कैमरों में रिकॉर्ड हो गया। जानकारी के अनुसार, एक अन्य विमान में तकनीकी समस्या के कारण फायर ट्रक को रनवे पार करने की अनुमति दी गई थी। इसी दौरान यह दुर्घटना हुई। टक्कर के बाद विमान और ट्रक दोनों तेजी से रनवे पर फिसलते हुए दिखाई दिए।
जांच जारी, कई सवाल उठ रहे हैं
फिलहाल, इस हादसे की जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। सुरक्षा मानकों और रनवे प्रबंधन को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इस पूरे हादसे के बीच फ्लाइट अटेंडेंट का बचना लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण बनकर सामने आया है। यह घटना दर्शाती है कि कभी-कभी सबसे कठिन परिस्थितियों में भी जीवन किसी चमत्कार की तरह बच सकता है।