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पठानकोट में हाई-टेक जासूसी नेटवर्क का भंडाफोड़: क्या है पूरा मामला?

पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक हाई-टेक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें इंटरनेट आधारित CCTV कैमरे लगाए गए थे। इन कैमरों की लाइव फीड पाकिस्तान और अन्य देशों में भेजी जा रही थी। मुख्य आरोपी बलजीत सिंह को गिरफ्तार किया गया है, और सुरक्षा एजेंसियां इस नेटवर्क के विदेशी संबंधों की जांच कर रही हैं। यह मामला पंजाब में जासूसी के बढ़ते मामलों की ओर इशारा करता है, जिसमें पहले भी ऐसे मॉड्यूल्स का खुलासा हुआ है। क्या यह सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है? जानें पूरी कहानी में।
 

पठानकोट में जासूसी का बड़ा खुलासा


नई दिल्ली: पंजाब के पठानकोट में पुलिस ने एक अत्याधुनिक जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। जांच में यह सामने आया है कि भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर गुप्त रूप से CCTV कैमरे स्थापित किए गए थे, जिनकी लाइव फीड पाकिस्तान और अन्य देशों में बैठे हैंडलर्स को भेजी जा रही थी।


मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी

पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी बलजीत सिंह उर्फ बिट्टू को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि उसने सेना की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इंटरनेट आधारित कैमरे लगाए थे। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं और पूरे नेटवर्क के विदेशी संबंधों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।


गुप्त CCTV कैमरे की स्थापना

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बलजीत सिंह चक्क धारीवाल गांव का निवासी है। उसने पठानकोट-जम्मू नेशनल हाईवे-44 पर एक पुल के पास अपनी दुकान में इंटरनेट आधारित CCTV कैमरा स्थापित किया था। सीनियर पुलिस अधिकारी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि कैमरे की लाइव फीड इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पाकिस्तान और विदेशों में मौजूद गुर्गों तक भेजी जा रही थी, जिसका मुख्य उद्देश्य सेना की गतिविधियों की निगरानी करना था।


निर्देशों का स्रोत

पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि उसने जनवरी में सुजानपुर के पास हाईवे पर यह कैमरा लगाया था। उसे दुबई में एक अज्ञात व्यक्ति से लगातार निर्देश मिल रहे थे। रिपोर्ट के अनुसार, इस काम के लिए उसे 40 हजार रुपये भी दिए गए थे। पुलिस ने आरोपी के पास से CCTV कैमरा और इंटरनेट WiFi राउटर भी बरामद किया है।


कितने लोगों पर दर्ज हुई FIR?

संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और इस नेटवर्क को पकड़ा। सुजानपुर पुलिस ने बलजीत सिंह के अलावा विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्का, बलविंदर सिंह उर्फ विक्की और तरनप्रीत सिंह उर्फ तन्नू के खिलाफ देश विरोधी गतिविधियों और आपराधिक मामलों में केस दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी गई है। जांच एजेंसियां अब फंडिंग के स्रोत और सीमा पार के नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।


पंजाब में पहले भी जासूसी नेटवर्क का खुलासा

पंजाब में इस तरह के हाई-टेक जासूसी नेटवर्क का यह पहला मामला नहीं है। पिछले महीने भी अंतर-सेवा खुफिया द्वारा समर्थित दो मॉड्यूल्स का खुलासा हुआ था, जिनमें चीन निर्मित 4G और सोलर पावर से चलने वाले CCTV कैमरों का उपयोग कर सैन्य ठिकानों की लाइव फीड पाकिस्तान भेजी जा रही थी।


जालंधर और कपूरथला से जुड़े तार

एक मॉड्यूल को जालंधर की काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने पकड़ा था। एआईजी सिमरतपाल सिंह ढींडसा के अनुसार, फिरोजपुर निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा को गिरफ्तार किया गया और उसके पास से चीनी कैमरा, सिम कार्ड और 4G कनेक्टिविटी वाली सोलर प्लेट बरामद की गई थी। वहीं, दूसरा मॉड्यूल कपूरथला पुलिस और एक केंद्रीय एजेंसी के संयुक्त ऑपरेशन में पकड़ा गया।


पाकिस्तानी हैंडलर से फंडिंग

कपूरथला मामले की जांच में यह भी सामने आया कि कैमरा लगाने के लिए 'फौजी' नाम के एक पाकिस्तानी हैंडलर ने आरोपियों को 35 हजार रुपये भेजे थे। एसएसपी गौरव तूरा ने बताया कि आरोपी संदीप ड्रग तस्करी से भी जुड़ा था। उसने पाकिस्तानी हैंडलर द्वारा ड्रोन के जरिए भेजी गई एक किलो हेरोइन बांटने के लिए 50 हजार रुपये लिए थे।


चीनी कैमरों का उपयोग

पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ये मॉड्यूल मोबाइल ऐप के जरिए संवेदनशील सैन्य ठिकानों की लाइव फुटेज पाकिस्तान भेजते हैं। उन्होंने कहा कि ये चीनी कैमरे ग्रिड बंद करें निगरानी के लिए एकदम मुफीद हैं क्योंकि ये 4G इंटरनेट और सोलर पावर पर चलते हैं। इसके चलते इन्हें आम कैमरों की तरह बिजली के तारों की जरूरत नहीं पड़ती और इन्हें आसानी से कहीं भी लगाया जा सकता है।