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पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में बढ़ते विरोध प्रदर्शन: क्या है असली वजह?

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में विरोध प्रदर्शनों की तीव्रता बढ़ रही है, जिसमें सुरक्षा बलों की कार्रवाई के कारण कई लोगों की मौत और घायल होने की खबरें हैं। जम्मू-कश्मीर जॉइंट पीपुल्स एक्शन कमेटी ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई गई। इस्लामाबाद में हुए एक बड़े प्रदर्शन ने आंदोलन को नया समर्थन दिया है। जानें इस स्थिति के पीछे की वजहें और क्या हो रहा है इस क्षेत्र में।
 

विरोध प्रदर्शन की तीव्रता में वृद्धि


नई दिल्ली: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब और तेजी देखने को मिल रही है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट पीपुल्स एक्शन कमेटी (JAAC) ने इस संदर्भ में गंभीर आरोप लगाए हैं। संगठन का कहना है कि हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है और कई अन्य घायल हुए हैं। इसके अलावा, इस्लामाबाद में हुए एक बड़े प्रदर्शन के बाद इस आंदोलन को नया समर्थन मिलने की भी चर्चा है।


सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर गंभीर आरोप

JAAC के सदस्य सरदार उमर नज़ीर कश्मीरी ने बताया कि पिछले तीन से चार दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 50 से अधिक लोग मारे गए हैं और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। उन्होंने इस कार्रवाई को बर्बर आतंकवाद करार देते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर सीधे गोली चलाई गई। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।


रावलाकोट और मुज़फ्फराबाद में घटनाएं

उमर नज़ीर कश्मीरी ने कहा कि वह रावलाकोट के डी-चौक पर चल रहे धरने में शामिल हैं और यह प्रदर्शन लगातार जारी है। उनके अनुसार, रावलाकोट के साथ-साथ मुज़फ्फराबाद में भी इसी तरह की घटनाएं हुई हैं, जहां प्रदर्शनकारियों को बल प्रयोग का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल लोग अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।


इस्लामाबाद में ऐतिहासिक रैली

उन्होंने बताया कि 31 जुलाई को इस्लामाबाद के जी-10 मरकज़ में पूर्व सीनेटर मुश्ताक खान के नेतृत्व में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस रैली में पाकिस्तान और कश्मीर के कई लोगों ने भाग लिया और आंदोलन के समर्थन में एकजुटता दिखाई। उमर नज़ीर कश्मीरी ने इसे आंदोलन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।


समर्थकों के प्रति आभार

JAAC के नेता ने पूर्व सीनेटर मुश्ताक खान, प्रदर्शन के आयोजकों और उसमें शामिल सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह समर्थन आंदोलन को मजबूती प्रदान करता है और प्रभावित लोगों का मनोबल बढ़ाता है। साथ ही, उन्होंने आशा जताई कि भविष्य में भी लोग इसी तरह उनके साथ खड़े रहेंगे। उनका कहना है कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहा यह आंदोलन अब लगातार व्यापक रूप लेता जा रहा है।