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पाकिस्तान और अमेरिका का संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभ्यास: क्या है असली मंशा?

पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी सैन्य अभ्यास शुरू किया है, जिसका नाम 'Inspired Gambit 2026' है। इस अभ्यास के बीच, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तान की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय 131 आतंकवादियों में से अधिकांश पाकिस्तानी हैं, जो भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों में संलग्न हैं। इस लेख में हम इस अभ्यास के उद्देश्य, जम्मू क्षेत्र में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों और भारत की सुरक्षा रणनीतियों पर चर्चा करेंगे। क्या पाकिस्तान वास्तव में आतंकवाद के खिलाफ है, या यह केवल एक दिखावा है? जानें पूरी जानकारी।
 

संयुक्त अभ्यास की शुरुआत


नई दिल्ली : पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ मिलकर दो सप्ताह का एक संयुक्त आतंकवाद-रोधी सैन्य अभ्यास आरंभ किया है। इस बीच, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के विश्लेषण ने पाकिस्तान की वास्तविक मंशा पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में वर्तमान में 131 आतंकवादी सक्रिय हैं, जिनमें 122 पाकिस्तानी और 9 स्थानीय आतंकवादी शामिल हैं। यह स्थिति तब सामने आई है जब पाकिस्तान खुद को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ एक सहयोगी के रूप में प्रस्तुत कर रहा है।


जम्मू क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित

जम्मू क्षेत्र पर विशेष फोकस, बढ़ती चिंता
रक्षा सूत्रों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में लगभग 35 पाकिस्तानी आतंकवादी सक्रिय हैं। यह संकेत करता है कि पीर पंजाल के दक्षिण में आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की लगातार कोशिशें हो रही हैं। भारतीय एजेंसियों का मानना है कि ये गतिविधियां पाकिस्तान की उस रणनीति को उजागर करती हैं, जिसमें वह एक ओर आतंकवाद-रोधी सहयोग का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर भारत के खिलाफ आतंकवादी नेटवर्क को समर्थन देता है।


अभ्यास 'Inspired Gambit 2026'

‘Inspired Gambit 2026’ अभ्यास और उसका उद्देश्य
यह संयुक्त अभ्यास, जिसका नाम ‘Inspired Gambit 2026’ है, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में नेशनल काउंटर टेररिज्म सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों की तैयारी करना और दोनों सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ाना है। हालांकि, भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविकता से मेल नहीं खाते।


भारत की सख्त कार्रवाई

LOC पर भारत की सख्त कार्रवाई जारी
इस घटनाक्रम के बीच, भारतीय सुरक्षा बल नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर घुसपैठ को रोकने के लिए कठोर अभियान चला रहे हैं। ड्रोन के माध्यम से हथियार और विस्फोटक भेजने की कोशिशों पर भी लगातार कार्रवाई की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत किसी भी प्रकार की ढील देने के लिए तैयार नहीं है।


पाकिस्तान की दोहरी नीति

पाकिस्तान की दोहरी नीति पर उठे सवाल
भारतीय अधिकारियों ने पाकिस्तान की कूटनीतिक भाषा और वास्तविकता के बीच स्पष्ट विरोधाभास की ओर इशारा किया है। उनका कहना है कि भारत को निशाना बनाने वाले आतंकवादी संगठन अब भी पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों से सक्रिय हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान ने वॉशिंगटन के साथ अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिशें तेज कर दी हैं।