पाकिस्तान का UNSC कार्यकाल समाप्त, किर्गिस्तान ने बनाई नई पहचान
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बदलाव
इस वर्ष पाकिस्तान का कार्यकाल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में समाप्त होने जा रहा है, क्योंकि पांच नए देशों को अस्थायी सदस्य के रूप में चुना गया है। 3 जून को हुए चुनावों में किर्गिस्तान ने पहली बार सुरक्षा परिषद में अपनी सीट हासिल की। इसके अलावा, ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे को भी दो साल के लिए अस्थायी सदस्य के रूप में चुना गया है। ये नए सदस्य पाकिस्तान, पनामा, डेनमार्क, ग्रीस और सोमालिया का स्थान लेंगे, जिनका कार्यकाल 2026 के अंत में समाप्त होगा। नए सदस्य 1 जनवरी, 2027 से अपने कार्यभार संभालेंगे और 31 दिसंबर, 2028 तक अपनी सेवाएं देंगे।
किर्गिस्तान का ऐतिहासिक प्रवेश
इस वर्ष के चुनावों में किर्गिस्तान का सुरक्षा परिषद में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। रिपोर्टों के अनुसार, पाँच उपलब्ध सीटों के लिए कुल सात देशों ने चुनाव लड़ा। ऑस्ट्रिया, पुर्तगाल, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा जिम्बाब्वे ने पहले दौर में जीत हासिल की। अंतिम सीट के लिए किर्गिस्तान और फिलीपींस के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, जिसमें किर्गिस्तान ने तीन अतिरिक्त दौर के मतदान के बाद जीत हासिल की।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के चुनाव प्रक्रिया
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट जीतने के लिए, उम्मीदवार देश को महासभा में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्य देशों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। यदि सभी 193 सदस्य देश मतदान में भाग लेते हैं, तो चुनाव के लिए कम से कम 129 वोटों की आवश्यकता होती है। अनुपस्थित देशों को कुल वोटों की गिनती में शामिल नहीं किया जाता है। यह चुनाव प्रक्रिया क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करती है, जिसमें विभिन्न भौगोलिक समूहों के बीच सीटें आवंटित की जाती हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की संरचना
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें से पांच देशों को स्थायी सदस्यता प्राप्त है, जो हैं: