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पाकिस्तान का भारत पर नया आरोप: दक्षिण एशिया में अस्थिरता का जिम्मेदार कौन?

पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाया है कि उसके सैन्यीकरण और भड़काऊ बयानों के कारण दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ रही है। सिंगापुर में 'शांगरी-ला डायलॉग' शिखर सम्मेलन में पाकिस्तानी सेना के कमांडर ने कहा कि बातचीत का सिलसिला कभी नहीं टूटना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव पिछले साल के सैन्य संघर्ष के बाद से बना हुआ है। जानें इस मुद्दे पर और क्या कहा गया है।
 

पाकिस्तान का आरोप


पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाते हुए कहा है कि दिल्ली के रवैये के कारण दक्षिण एशिया में अस्थिरता बढ़ रही है। पाकिस्तान की सेना, जो असीम मुनीर के नेतृत्व में है, का कहना है कि भारत के सैन्यीकरण और भड़काऊ बयानों के चलते क्षेत्रीय स्थिरता में कमी आई है। इसके साथ ही, पाकिस्तान ने भारत से बातचीत फिर से शुरू करने की अपील की है। शहबाज शरीफ की सरकार भी भारत पर इसी तरह के आरोप लगाती रही है, विशेष रूप से 'ऑपरेशन सिंदूर 2.0' के संदर्भ में।


सिंगापुर में आयोजित 'शांगरी-ला डायलॉग' शिखर सम्मेलन में पाकिस्तानी सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नौमान जकारिया ने कहा, 'भारत का सैन्यीकरण और तीखी बयानबाजी क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर कर रही है। हमें विश्वास है कि भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद बातचीत की प्रक्रिया को जारी रखना चाहिए।'


बातचीत की आवश्यकता

जकारिया ने यह भी कहा कि इतिहास से यह स्पष्ट है कि रणनीतिक स्थिरता केवल प्रतिरोध से नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से भी बनी रह सकती है। इसलिए, बातचीत का सिलसिला कभी भी टूटना नहीं चाहिए।


उन्होंने आगे कहा कि गलतफहमियों को कम करने और हथियारों की होड़ को रोकने के लिए देशों के बीच विश्वास-निर्माण के उपाय और पारदर्शिता तंत्र आवश्यक हैं।


पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी ने यह भी बताया कि दक्षिण एशिया में रणनीतिक स्थिरता, परमाणु प्रतिरोध, पारंपरिक सैन्य असंतुलन और भारत-पाकिस्तान के बीच अनसुलझे विवादों से प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि मई 2025 के संघर्ष के बाद पारंपरिक युद्ध की संभावनाएं सीमित हो गई हैं। 'शांगरी-ला डायलॉग' एक वार्षिक कार्यक्रम है, जिसमें दुनिया भर के शीर्ष रक्षा अधिकारी और सुरक्षा विश्लेषक शामिल होते हैं।


भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव

भारत और पाकिस्तान के बीच पिछले साल मई में हुए सैन्य संघर्ष के बाद से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के रिश्ते इस समय बेहद निचले स्तर पर हैं। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिससे पाकिस्तान चिंतित है और वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे को उठाता रहा है।


पाकिस्तान ने भारत की आलोचना की है कि उसने सिंधु जल संधि को निलंबित करके उसकी खाद्य सुरक्षा को संकट में डाल दिया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत की सैन्य कार्रवाई का डर भी पाकिस्तान को सताता रहा है।