पाकिस्तान का रक्षा बजट: आर्थिक संकट के बीच बढ़ोतरी की तैयारी
पाकिस्तान का रक्षा बजट बढ़ाने की योजना
नई दिल्ली: पाकिस्तान, जो गंभीर आर्थिक संकट और कर्ज के बोझ से जूझ रहा है, अगले वित्तीय वर्ष में अपने रक्षा बजट में वृद्धि करने की योजना बना रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान सरकार अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से मिलने वाले आर्थिक सहयोग के आधार पर रक्षा खर्च में 100 अरब पाकिस्तानी रुपये की बढ़ोतरी कर सकती है। यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान सरकार IMF द्वारा समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत नया बजट तैयार कर रही है। इस बीच, आर्थिक चुनौतियों, बढ़ती गरीबी और कमजोर वित्तीय स्थिति के बावजूद रक्षा बजट में वृद्धि की खबर ने देश की आर्थिक प्राथमिकताओं पर नई बहस को जन्म दिया है।
अगले वित्त वर्ष में रक्षा बजट में वृद्धि
'डॉन' अखबार के अनुसार, IMF की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान का रक्षा बजट 2026-27 में बढ़कर 2.66 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये तक पहुंच सकता है, जबकि वर्तमान वित्त वर्ष में यह बजट 2.56 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए अपने खर्च और राजस्व का खाका IMF के आर्थिक सुधार कार्यक्रम के तहत तैयार कर रही है।
पाकिस्तान की आय में वृद्धि का अनुमान
IMF की रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि 2026-27 में पाकिस्तान की कुल संघीय आय 17.14 लाख करोड़ पाकिस्तानी रुपये रह सकती है, जो मौजूदा वित्त वर्ष की तुलना में दो लाख करोड़ रुपये अधिक है। इसके अतिरिक्त, रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान ने जून 2027 तक सभी संघीय और प्रांतीय सरकारी भुगतानों को पूरी तरह डिजिटाइज करने का वादा किया है।
भ्रष्टाचार पर ध्यान केंद्रित
IMF सुधार कार्यक्रम के तहत, पाकिस्तान सरकार इस वर्ष के अंत तक उन 10 संस्थानों की पहचान करेगी, जहां भ्रष्टाचार की आशंका सबसे अधिक है। इन संस्थानों का विशेष ऑडिट और विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि भ्रष्टाचार विरोधी संस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जाएगा, ताकि सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाई जा सके।
पाकिस्तान की बड़ी आबादी आर्थिक रूप से कमजोर
IMF की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की लगभग 40 प्रतिशत आबादी आर्थिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में है, जिसमें अत्यधिक गरीबी में जीवन गुजारने वाले लोग भी शामिल हैं। वर्तमान में, IMF का एक दल पाकिस्तान के दौरे पर है, जहां आर्थिक सुधारों और वित्तीय योजनाओं पर बातचीत जारी है।