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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में गुस्से का इजहार: JAAC का बड़ा प्रदर्शन

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के बैनर तले हजारों लोगों ने सरकार और सेना के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अधिकार और स्वतंत्रता की मांग की, जबकि JAAC नेता अमान कश्मीरी ने पाकिस्तान की सरकार को खुली चुनौती दी। उन्होंने 100 मौतों का दावा करते हुए कहा कि पिछले 71 दिनों से लोग दमन का सामना कर रहे हैं। इस प्रदर्शन ने पाकिस्तान के कश्मीर नीति पर भी सवाल उठाए हैं। जानें इस बढ़ते असंतोष के पीछे की कहानी।
 

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में प्रदर्शन


नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में एक बार फिर से सरकार और सेना के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। पलांदरी में जम्मू-कश्मीर अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने अधिकार, सम्मान और स्वतंत्रता के लिए जोरदार नारेबाजी की।


JAAC नेता की चुनौती

'तुम्हारी गोलियों से नहीं डरते'


JAAC कोर कमेटी के सदस्य सरदार अमान कश्मीरी ने इस प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान की सरकार और सेना को खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा, "हम इस गोली के कानून को नहीं मानते। पिछले 71 दिनों से हमने अपने सीने तुम्हारे सामने पेश किए हैं। हम तुम्हारी गोलियों से नहीं डरते।"


उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार गोलियों के बल पर शासन करना चाहती है, तो जनता भी अपना जवाब देने में सक्षम है। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य और उसके शासक और कितना गिरेंगे।


100 मौतों का दावा

100 लोगों की मौत का सनसनीखेज दावा


अमान कश्मीरी ने 4 अक्टूबर 2025 के मुजफ्फराबाद समझौते का उल्लेख किया। उनके अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को मानने का वादा किया था, लेकिन बाद में इसे तोड़ दिया।


उन्होंने यह भी दावा किया कि समझौता टूटने के बाद "निहत्थे कश्मीरियों की 100 लाशें गिरा दी गईं।" हालांकि, यह केवल JAAC नेता का दावा है और इसका स्वतंत्र सत्यापन नहीं हो सका है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले 71 दिनों से लगातार दमन का सामना कर रहे हैं।


पाकिस्तान की नीति पर सवाल

पाकिस्तान के कश्मीर नैरेटिव पर उठाए सवाल


अपने भाषण में अमान कश्मीरी ने पाकिस्तान के कश्मीर राग पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान खुद को कश्मीरियों का हिमायती बताता है, लेकिन कश्मीर घाटी में पिछले दशकों में जो कुछ हुआ, उस पर उसका क्या जवाब है।


उन्होंने आसिया अंद्राबी और यासीन मलिक का नाम लेकर पाकिस्तान की नीति को कटघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि पाकिस्तान केवल बयानबाजी करता है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।


बाजवा के बयान का जिक्र

बाजवा के 'टैंक में तेल नहीं' वाले बयान का जिक्र


पाकिस्तानी सेना पर हमला बोलते हुए अमान कश्मीरी ने पूर्व आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा के एक कथित बयान का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि 2019 में बाजवा ने खुद कहा था कि "हमारे टैंकों में तेल नहीं है, इसलिए हम हिंदुस्तान से जंग नहीं लड़ सकते।"


PoK में लगातार हो रहे ऐसे प्रदर्शन पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गए हैं। पलांदरी की यह रैली असंतोष की बढ़ती लहर का एक और उदाहरण है, जहां लोग अब खुलकर मुनीर आर्मी और इस्लामाबाद की सत्ता के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।