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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में बढ़ता आंदोलन: क्या है JAAC की योजना?

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े आंदोलन का रूप ले चुके हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने लोगों से अपील की है कि वे इस आंदोलन को पूरे पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर में फैलाएं। आंदोलन का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है। JAAC के सदस्यों ने हाल ही में हुई मौतों का दावा किया है और सुरक्षा बलों पर आरोप लगाया है कि वे शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहे हैं। इसके अलावा, इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं पर रोक के कारण स्थिति की स्वतंत्र जानकारी प्राप्त करना मुश्किल हो रहा है। जानें इस आंदोलन के बारे में और क्या हो रहा है।
 

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आंदोलन की लहर


नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में चल रहे विरोध प्रदर्शन अब एक व्यापक आंदोलन का रूप ले रहे हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने लोगों से आग्रह किया है कि इस आंदोलन को PoK से बाहर निकालकर पूरे पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के अन्य क्षेत्रों में फैलाया जाए। संगठन का कहना है कि यह संघर्ष राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है।


आंदोलन का समर्थन करने की अपील

JAAC के कोर कमेटी के सदस्य सरदार अरमान कश्मीरी ने पाकिस्तान, कश्मीर घाटी, जम्मू, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और पुंछ के निवासियों से आंदोलन में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि हर नागरिक को मतदान का अधिकार, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, न्याय और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए। अरमान कश्मीरी ने आरोप लगाया कि PoK में अपने अधिकारों की मांग कर रहे लोगों की आवाज को दबाने के लिए सुरक्षा बलों का सहारा लिया जा रहा है। उनका कहना है कि आंदोलन का मुख्य उद्देश्य आम लोगों की समस्याओं को उजागर करना है।


मौतों की संख्या में वृद्धि का दावा

JAAC के एक अन्य सदस्य सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने बताया कि पिछले तीन दिनों में लगभग 40 लोगों की मौत हुई है। उनका कहना है कि पिछले 52-53 दिनों में मृतकों की कुल संख्या लगभग 100 तक पहुंच गई है। उन्होंने सुरक्षा बलों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आरोप लगाया है, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पाकिस्तान सरकार ने भी इन दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।


संचार सेवाओं पर रोक

JAAC ने PoK के कई क्षेत्रों में इंटरनेट और मोबाइल सेवाओं को बंद करने का आरोप लगाया है। संगठन के अनुसार, संचार सेवाओं पर रोक के कारण वहां की स्थिति की स्वतंत्र जानकारी प्राप्त करना कठिन हो गया है। उनका दावा है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।


डी-चौक पर धरना अस्थायी रूप से रुका

उमर नजीर कश्मीरी ने बताया कि इस्लामाबाद के डी-चौक पर चल रहा धरना समाप्त नहीं हुआ है। लॉन्ग मार्च को फिलहाल इसलिए रोका गया है ताकि मृतकों के अंतिम संस्कार और घायलों के इलाज की व्यवस्था की जा सके। उनका कहना है कि इसके बाद आंदोलन को और बड़े स्तर पर शुरू किया जाएगा।