पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्वतंत्रता की मांग: JAAC का लॉन्ग मार्च शुरू
नई दिल्ली में स्वतंत्रता की आवाज़
नई दिल्ली: पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्वतंत्रता की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन कश्मीरी ने एक सभा में आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया और कहा कि उनका लक्ष्य लोगों को एक अलग मातृभूमि दिलाना है। मुजफ्फराबाद की ओर प्रस्तावित लॉन्ग मार्च से पहले उनके भाषण ने क्षेत्र की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
अमन कश्मीरी का संदेश
सभा में अमन कश्मीरी ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने देश, अपनी सरकार और अपने अधिकारों के साथ जीने का हक होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि PoK के लोग अब अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और किसी भी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं हैं। उनके अनुसार, आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के लोगों को उनके अधिकार दिलाना है।
आंदोलनकारियों को मिल रही धमकियाँ
JAAC के नेता ने यह भी बताया कि आंदोलन से जुड़े कार्यकर्ताओं को लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि कई लोगों को जान से मारने की चेतावनी दी गई है और कुछ के सिर पर इनाम भी घोषित किया गया है। इसके बावजूद, आंदोलनकारी अपने अभियान को जारी रखने के लिए दृढ़ हैं।
समर्थन में बढ़ती संख्या
अमन कश्मीरी ने आंदोलन को मिल रहे जनसमर्थन का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाएं, युवा, व्यापारी और बच्चे सभी इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं। उनके अनुसार, बड़ी संख्या में परिवार इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं, जिससे लोगों की नाराजगी और मांगों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
अपने भाषण में उन्होंने PoK के मुख्यधारा के राजनीतिक नेताओं की भी आलोचना की। उनका आरोप था कि स्थानीय नेतृत्व जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में असफल रहा है और लोगों के हितों की रक्षा करने के बजाय सत्ता के साथ खड़ा नजर आता है।
लॉन्ग मार्च की शुरुआत
इस बीच, JAAC ने मुजफ्फराबाद की ओर अपने लॉन्ग मार्च की शुरुआत कर दी है, जिसमें हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और PoK प्रशासन ने अब तक JAAC की मांगों और आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। दरअसल, पिछले कुछ हफ्तों से क्षेत्र में बिजली, पानी, महंगाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर चल रहा जनाक्रोश अब अलग देश की मांग के रूप में सामने आ रहा है।