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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हिंसा: प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग से एक की मौत

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात फिर से बिगड़ गए हैं। सरकारी कार्रवाई और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ चल रहे आंदोलन में रविवार को डड्याळ में पाक रेंजर्स की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। JAAC के नेतृत्व में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जो बुनियादी अधिकारों की मांग कर रहे हैं। जानें इस हिंसक प्रदर्शन की पूरी कहानी और क्या है इसके पीछे का कारण।
 

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में तनावपूर्ण स्थिति


नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात एक बार फिर से बिगड़ गए हैं। सरकारी कार्रवाई और 600 से अधिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। रविवार को डड्याळ में पाक रेंजर्स की गोलीबारी में एक व्यक्ति की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं।


डड्याळ में प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी का आरोप

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रावलकोट में चल रहे धरने के समर्थन में रविवार को कई स्थानों पर प्रदर्शन हुए। इसी दौरान मीरपुर जिले के डड्याळ तहसील के अंब गांव में पुलिस और रेंजर्स ने प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाईं।


रिपोर्ट में कहा गया है, "डड्याळ अंब में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पुलिस और रेंजर्स ने फायरिंग की। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए।" हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।


JAAC का बड़ा आंदोलन, हजारों लोग सड़कों पर

जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में ये विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। कमेटी के अनुसार, अब्बासपुर के सरदार गुलाम हुसैन खान स्टेडियम में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग समेत हजारों लोग इकट्ठा हुए थे। वहां से जत्थे रावलकोट धरना स्थल की ओर बढ़े।


JAAC ने आरोप लगाया है कि सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए फायरिंग की, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए। संगठन का कहना है कि गिरफ्तारी, सुरक्षा प्रतिबंध और बल के इस्तेमाल के बावजूद आंदोलन की लहर बढ़ती जा रही है।


चारहोई से रावलकोट तक निकले मार्च

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चारहोई में भी सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसमें महिलाएं भी शामिल थीं। प्रदर्शनकारी बुनियादी संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की अपील कर रहे हैं। POK के कई कस्बों में एक साथ प्रदर्शन किए गए हैं। रावलकोट में धरना लगातार जारी है।


अमन खान की भारत से एकजुटता की अपील

ये प्रदर्शन JAAC नेता सरदार अमन खान की अपील के बाद और तेज हुए हैं। हाल ही में एक वीडियो संदेश में खान ने श्रीनगर, लद्दाख, पुंछ, राजौरी और जम्मू के लोगों से POK वासियों का समर्थन करने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पाक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों की खाने-पीने की सप्लाई तक रोक दी है।


रावलकोट की सभा में खान ने कहा, "पाकिस्तान की सेना ने ही कश्मीरियों को बंदूकें दी थीं। आज वही हमें आतंकवादी कह रहे हैं।" फिलहाल POK में इंटरनेट और आवाजाही पर पाबंदियां हैं। हालात को देखते हुए सुरक्षा को और कड़ा किया गया है।