पाकिस्तान के प्रमुख इस्लामी नेता ने हूतियों को बताया आतंकवादी, सऊदी अरब का किया समर्थन
पाकिस्तानी धर्मगुरु का बयान
नई दिल्ली: पाकिस्तान के प्रसिद्ध इस्लामी नेता हाफिज मुहम्मद ताहिर महमूद अशरफी ने ईरान समर्थित यमनी समूह अंसार अल्लाह, जिसे आमतौर पर हूती कहा जाता है, को आतंकवादी करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस संगठन का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है और सभी मुसलमानों से सऊदी अरब के समर्थन में खड़े होने की अपील की।
मदीना सम्मेलन में दिए गए विचार
यह बयान सऊदी अरब के मदीना में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर आया। अशरफी ने कहा कि हूती सऊदी अरब के विरोधियों की सहायता से कार्य कर रहे हैं और उनके हमले इस्लामी मूल्यों के खिलाफ हैं। उन्होंने हूतियों को इस्लाम का असली दुश्मन बताया। अपने भाषण में उन्होंने 15 सितंबर को मक्का में संभावित खतरे के बारे में सऊदी अरब की आपात चेतावनी का उल्लेख किया और आरोप लगाया कि हूती पवित्र स्थलों को निशाना बना रहे हैं।
ब्रिटिश पुरस्कार विवाद
अशरफी हाल ही में एक ब्रिटिश पुरस्कार को लेकर चर्चा में रहे। 11 सितंबर को कैंटरबरी की आर्कबिशप डेम सारा मुलाली ने उन्हें सुलह और अंतरधार्मिक सहयोग के लिए 2026 का ह्यूबर्ट वाल्टर पुरस्कार प्रदान किया था, लेकिन 17 सितंबर को यह पुरस्कार वापस ले लिया गया। इसकी वजह 2007 में उनकी एक पुरानी टिप्पणी बताई गई, जिसमें उन्होंने ओसामा बिन लादेन की रूस, अमेरिका और ब्रिटेन के खिलाफ लड़ाई की प्रशंसा की थी।
पाकिस्तानियों से अपील
अशरफी ने कहा कि यह संघर्ष दो देशों के बीच नहीं, बल्कि एक आतंकवादी समूह के खिलाफ है, जो यमन में निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब यमन की सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए अरबों डॉलर की सहायता प्रदान करता है, लेकिन हूती इसे स्वीकार नहीं करते। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हूती इस्लाम और फलस्तीन के नाम का उपयोग करते हैं, फिर भी इजरायली जहाजों को मार्ग देते हैं।
अशरफी ने यह स्पष्ट किया कि पाकिस्तान किसी भी सऊदी अरब के खिलाफ टकराव में मजबूती से उसके साथ खड़ा रहेगा। उनके अनुसार, पाकिस्तान की सरकार, सेना, धार्मिक विद्वान और आम लोग सऊदी अरब के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।