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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में कोयला खदान में विस्फोट: 18 खनिकों की जान गई, 24 फंसे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक कोयला खदान में भीषण मीथेन गैस विस्फोट ने 18 खनिकों की जान ले ली है। इस हादसे में 24 अन्य श्रमिक भी फंसे हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह घटना खदान में गैस के अत्यधिक संचय के कारण हुई। बचाव दल ने शवों को निकालने का कार्य शुरू कर दिया है, जबकि सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की घोषणा की है। इस घटना ने खदानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
 

भयानक हादसे ने बलूचिस्तान को हिला दिया


नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में एक बार फिर से एक दर्दनाक घटना ने सबको झकझोर दिया है। प्रांतीय राजधानी क्वेटा के निकट एक कोयला खदान में भीषण मीथेन गैस विस्फोट के कारण कम से कम 18 खनिकों की जान चली गई। इस भयानक घटना के बाद खदान के अंदर जहरीली गैस भर गई है, जिससे 24 अन्य श्रमिक अभी भी सैकड़ों फीट नीचे फंसे हुए हैं।


विस्फोट का कारण

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, यह दुर्घटना खदान के अंदर अत्यधिक मीथेन गैस के संचय के कारण हुई। जैसे ही विस्फोट हुआ, वहां काम कर रहे श्रमिकों को संभलने का कोई अवसर नहीं मिला। सूचना मिलते ही बचाव दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।


ऑक्सीजन की कमी

प्रारंभिक घंटों में, बचाव दल ने 7 खनिकों के शवों को बाहर निकाला, और देर रात तक 11 और शव बरामद किए गए। सरकारी खदान निरीक्षक गनी बलोच ने बताया कि बचाव कार्य में सावधानी बरती जा रही है क्योंकि खदान के अंदर ऑक्सीजन का स्तर शून्य हो चुका है। उन्होंने कहा कि फंसे हुए श्रमिकों के जीवित बचने की संभावनाएं बहुत कम हैं, जिससे मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।


परिजनों का दुख

जैसे ही हादसे की खबर फैली, खदान के बाहर श्रमिकों के परिजनों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जो अपने प्रियजनों की सलामती की उम्मीद में टकटकी लगाए खड़े हैं। निकाले गए शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा जा रहा है।


सरकार की प्रतिक्रिया

बलूचिस्तान के खनन और खनिज मंत्री शोएब नोशेरवानी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है और मृतक खनिकों के परिजनों को 5 लाख पाकिस्तानी रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है। सरकार ने इस हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश भी दिए हैं। दूसरी ओर, कोयला खनिकों की लेबर यूनियन ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए खदान मालिकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।


सुरक्षा मानकों पर सवाल

पाकिस्तान के कोयला खदान उद्योग में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का यह पहला मामला नहीं है। बलूचिस्तान की खदानों में वेंटिलेशन की कमी और गैस लीक की निगरानी करने वाले आधुनिक उपकरणों की अनुपस्थिति के कारण अक्सर इस तरह के जानलेवा हादसे होते रहते हैं। लेबर यूनियनों का कहना है कि निजी खदान मालिक अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में श्रमिकों को बिना सुरक्षा उपकरण और आपातकालीन प्रशिक्षण के खदानों में भेज देते हैं। यह त्रासदी एक बार फिर से खदानों में कड़े सुरक्षा मानकों को लागू करने की आवश्यकता को उजागर करती है।