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पाकिस्तान के साथ PowerS का नया रक्षा समझौता: क्या है गार्डियन-1 की खासियत?

अमेरिकी कंपनी PowerS ने हाल ही में पाकिस्तान की सेना के साथ एक नया रक्षा समझौता किया है, जो मानवरहित हवाई प्रणालियों से संबंधित है। इससे पहले, कंपनी ने भारत की पारस डिफेंस के साथ गार्डियन-1 काउंटर-ड्रोन सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण लाइसेंसिंग समझौता किया था। जानें इस समझौते की खासियतें और गार्डियन-1 की तकनीक के बारे में। क्या यह समझौता भारतीय सशस्त्र बलों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है? पढ़ें पूरी जानकारी के लिए।
 

PowerS का नया रक्षा समझौता


नई दिल्ली: अमेरिकी रक्षा और ऑटोनॉमस ड्रोन निर्माता कंपनी 'पावरस' (ऑटोनॉमस पावर कॉर्पोरेशन) हाल ही में वैश्विक समझौतों के कारण चर्चा में आई है। इसने सितंबर में पाकिस्तान की सेना के साथ एक रक्षा समझौता करने से पहले, जून में भारत की प्रमुख रक्षा कंपनी पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज के साथ अपने 'गार्डियन-1' काउंटर-ड्रोन सिस्टम के लिए एक महत्वपूर्ण बौद्धिक संपदा (IP) लाइसेंसिंग समझौता किया था। इस अमेरिकी रक्षा फर्म का पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटों से भी संबंध है।


पाकिस्तान के साथ सितंबर में हुआ नया करार

भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी के लगभग तीन महीने बाद, पावरस ने सितंबर में पाकिस्तानी सेना के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते में मानवरहित हवाई प्रणालियों से जुड़े प्रारंभिक उत्पाद शामिल हैं। हालांकि, पाकिस्तान के साथ हुए इस सौदे की वित्तीय कीमत और उपकरणों के विस्तृत विवरण का अभी तक सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया गया है।


पारस डिफेंस के पास गार्डियन-1 के विशेष अधिकार

इस वाणिज्यिक सौदे के तहत, 30 जून को पारस डिफेंस ने पावरस की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई टैंडम डिफेंस LLC के साथ एक एक्सक्लूसिव लाइसेंसिंग समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके अंतर्गत पारस डिफेंस को भारत में गार्डियन-1 इंटरसेप्टर उत्पादों का निर्माण और व्यावसायिक वितरण करने का एकाधिकार मिला है। यह समझौता प्रारंभ में 12 महीने के लिए तय किया गया है, जिसे आपसी सहमति से बढ़ाया जा सकता है। इसके बदले अमेरिकी कंपनी को भारत में होने वाली बिक्री से लाइसेंस शुल्क और शुद्ध लाभ का एक निश्चित हिस्सा प्राप्त होगा। हालांकि, यह केवल तकनीक के हस्तांतरण की एक व्यावसायिक डील है और इसका तात्पर्य भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा इस सिस्टम का सीधा चयन या ऑर्डर देना नहीं है।


गार्डियन-1 इंटरसेप्टर की तकनीक और खासियत

पारस डिफेंस के अनुसार, गार्डियन-1 इंटरसेप्टर एक उच्च गति वाली और बैटरी चालित एंटी-ड्रोन प्रणाली है। पावरस द्वारा विकसित यह रक्षा प्रणाली हवा में तैरते कम लागत वाले दुश्मन ड्रोन और संभावित हवाई खतरों को तुरंत बेअसर करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। पावरस का गठन अमेरिकी सेना के पूर्व विशेष अभियान दिग्गजों द्वारा किया गया था। यह कंपनी अक्टूबर में नैस्डैक पर सूचीबद्ध कंपनी 'ओरियस ग्रीनवे होल्डिंग्स' के साथ विलय करने जा रही है, जिसके बाद संयुक्त कंपनी का नाम 'पावरस कॉर्पोरेशन' होगा। ओरियस ग्रीनवे के निवेशकों में 'अमेरिकन वेंचर्स' शामिल है, जिसका मालिकाना और वित्तीय संबंध डोनाल्ड ट्रंप जूनियर और एरिक ट्रंप से है। हालांकि, ट्रंप परिवार के प्रतिनिधियों और पावरस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल एक निष्क्रिय निवेश है और कंपनी के व्यावसायिक सौदों में ट्रंप परिवार का कोई सीधा दखल नहीं है।