पाकिस्तान के हवाई हमले: अफगानिस्तान में चरमपंथियों पर कार्रवाई
पाकिस्तानी हवाई हमले का विवरण
सोमवार को, पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने पूर्वी अफगानिस्तान में कुछ ठिकानों पर हवाई हमले किए, जिन्हें पाक सुरक्षा बलों ने संदिग्ध चरमपंथियों का ठिकाना बताया। पाकिस्तान ने दावा किया कि इन हमलों में 28 चरमपंथियों को मार गिराया गया, जबकि काबुल के अधिकारियों ने कहा कि हमलों में तीन नागरिकों की मौत हुई है।
पाक-अफगान संबंधों में तनाव
इन हमलों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव को फिर से बढ़ा दिया है, जिससे सीमा पार टकराव की आशंका बढ़ गई है। यह घटनाक्रम चीन समेत अन्य क्षेत्रीय देशों द्वारा मध्यस्थता के प्रयासों पर भी असर डाल सकता है। ये हमले पाकिस्तान की उस चेतावनी के बाद हुए हैं, जिसमें उसने हाल में अपने सुरक्षा बलों पर हुए दो घातक हमलों के बाद अफगानिस्तान में चरमपंथियों को निशाना बनाने की बात कही थी।
चरमपंथी हमलों में वृद्धि
पाकिस्तान में पुलिस और सुरक्षा बलों पर होने वाले चरमपंथी हमलों में हाल के वर्षों में वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि कई महीनों से चल रही सैन्य कार्रवाई के बाद हुई है, जिसमें फरवरी से सीमा पार संघर्ष में सैकड़ों लोग मारे जा चुके हैं।
अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया
अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इन हवाई हमलों की निंदा की और कहा कि इसका जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "हम इस आक्रामकता की निंदा करते हैं।"
हमलों का विवरण
अफगानिस्तान सरकार के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने बताया कि हमले तड़के करीब तीन बजे कुनार प्रांत के नूरगल जिले और पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हुए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, नूरगल के पठान गांव में एक घर तबाह हो गया, जिसमें एक ग्रामीण और उनके परिवार के दो सदस्य मारे गए।
पाकिस्तान में हालिया हमले
ये हमले पाकिस्तान के कोहाट शहर में हुए एक आत्मघाती हमले के बाद हुए हैं, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि देश अफगानिस्तान के भीतर चरमपंथियों को निशाना बना सकता है।
टीटीपी का संदर्भ
इन हमलों के पीछे शक पाकिस्तानी तालिबान, जिसे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) कहा जाता है, पर जताया गया है। टीटीपी ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर हमले तेज किए हैं।
अफगान तालिबान का आरोप
पाकिस्तान ने बार-बार काबुल की तालिबान सरकार पर टीटीपी नेताओं को पनाह देने का आरोप लगाया है, जबकि अफगान सरकार ने इन आरोपों से इनकार किया है।