पाकिस्तान में आत्मघाती हमले से दहशत: स्वात जिले में शांति रैली पर हुआ हमला
स्वात जिले में भयानक आत्मघाती हमला
नई दिल्ली: रविवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वात जिले में एक भयानक घटना घटी। काबल शहर के पुलिस थाने के सामने 'स्वात अमन जिरगा' द्वारा आयोजित शांति रैली के दौरान एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया।
पुलिस स्टेशन के गेट पर हुआ विस्फोट
पुलिस के अनुसार, हमलावर ने पहले पुलिस स्टेशन में घुसने की कोशिश की, लेकिन गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक लिया। इसी दौरान उसने मुख्य गेट पर विस्फोट कर दिया।
शुरुआत में इस हमले में 14 लोगों की मौत की सूचना मिली थी, जिनमें 5 पुलिसकर्मी शामिल थे। लेकिन सोमवार को सैदू शरीफ टीचिंग हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 3 और घायलों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। इनमें 7 पुलिसकर्मी और 10 आम नागरिक शामिल हैं।
घायलों की स्थिति
इस हमले में 12 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज सैदू शरीफ टीचिंग हॉस्पिटल में चल रहा है। घायलों में 8 पुलिसकर्मी और 4 आम नागरिक शामिल हैं। मलाकंद के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सैयद फिदा हुसैन ने बताया कि हमलावर का संबंध प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से हो सकता है।
उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी की सतर्कता के कारण एक बड़ी त्रासदी टल गई। यदि हमलावर पुलिस स्टेशन के अंदर घुस जाता, तो नुकसान और भी अधिक हो सकता था। खैबर पख्तूनख्वा के IGP जुल्फिकार हमीद ने भी पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
शांति रैली का उद्देश्य
'स्वात अमन जिरगा' ने इस रैली का आयोजन किया था, जिसमें लोग शांति की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि पिछले कुछ महीनों में पुलिस की निष्क्रियता के कारण इलाके में सुरक्षा की स्थिति बिगड़ गई है। रैली का आयोजन शाम 4 बजे काबल चौक पर शुरू हुआ था।
धमाका लगभग 6:04 बजे पुलिस स्टेशन के गेट पर हुआ। आतंकवाद के मामले में CTD स्वात ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच के लिए एक संयुक्त जांच टीम (JIT) का गठन किया गया है। प्रारंभिक जांच में TTP के कमांडर मुजफ्फर और उसके साथियों के शामिल होने का संदेह है।
मुख्यमंत्री का दौरा और सुरक्षा उपाय
घटना के अगले दिन, खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी स्वात पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और सैदू शरीफ के जिरगा हॉल में उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आतंकियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर ऑपरेशन चलाया जाए और इलाके में जल्द से जल्द शांति बहाल की जाए।
पुलिस लाइन और अन्य सरकारी स्थलों के पास हुए इस हमले ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि हमलावर गेट तक कैसे पहुंचा। अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।