पाकिस्तान में पुलिस चौकी पर विस्फोट: टीटीपी ने ली जिम्मेदारी
पाकिस्तान में सुरक्षा पर खतरा
नई दिल्ली: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रांत की सीमा पर स्थित झांगी पुलिस चौकी पर सोमवार को एक भयंकर विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, एक संदिग्ध वाहन पुलिस चौकी से टकराया, जिसके परिणामस्वरूप एक शक्तिशाली धमाका हुआ। इस हमले में कम से कम पांच पुलिसकर्मी मारे गए और आठ अन्य घायल हुए हैं।
स्थानीय पुलिस की प्रतिक्रिया
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संदिग्ध वाहन लकड़ी से भरा हुआ था। जांचकर्ताओं का मानना है कि विस्फोटक इसी सामग्री के बीच छिपाए गए थे। धमाका इतना जोरदार था कि चौकी की बाहरी दीवार का एक हिस्सा पूरी तरह से ढह गया और वाहन मलबे में दब गया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां अभी तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई हैं कि यह आत्मघाती हमला था या इसे दूर से नियंत्रित किया गया था।
हमले के तुरंत बाद, राहत और बचाव दल घटनास्थल पर पहुंचे और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
टीटीपी का दावा
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। संगठन ने कहा है कि उसने अपने कथित 'अल-फारूक' मिसाइल प्रणाली का उपयोग किया। हालांकि, पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है और घटना की जांच जारी है। हाल के महीनों में, टीटीपी ने दक्षिणी खैबर पख्तूनख्वा और बाजौर क्षेत्र में कई हमलों की जिम्मेदारी ली है।
यह हमला उस समय हुआ है जब पाकिस्तान ने हाल ही में अफगानिस्तान में टीटीपी के ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। पाकिस्तान का कहना है कि इन अभियानों में कई आतंकवादी मारे गए और उनके प्रशिक्षण केंद्रों और हथियार भंडारों को नष्ट किया गया। दूसरी ओर, अफगान तालिबान सरकार ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तानी हमलों में आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा है।
इस घटना ने पहले से तनावपूर्ण पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों को और जटिल बना दिया है। दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा और टीटीपी की मौजूदगी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। हाल के महीनों में बढ़ती हिंसा और सीमा पार कार्रवाइयों के कारण दोनों पड़ोसी देशों के बीच अविश्वास बढ़ता जा रहा है।