पाकिस्तान में पेट्रोल-डीजल की कीमतों के खिलाफ हड़ताल: क्या है कारण?
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि पर देशव्यापी विरोध
नई दिल्ली: पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन अब एक व्यापक हड़ताल में बदल चुका है। शुक्रवार से शुरू हुआ यह विरोध रविवार तक जारी रहा, और जमात-ए-इस्लामी ने 16 अगस्त को चारों प्रांतीय राजधानियों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। वर्तमान में, पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 335 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है। महंगे ईंधन के खिलाफ पिछले दो दिनों में देशभर में 500 से अधिक रैलियां और चक्का जाम किए गए हैं।
इसके अलावा, ऑल पाकिस्तान पब्लिक ट्रांसपोर्ट ओनर्स फेडरेशन और गुड्स ट्रांसपोर्टर्स ने घोषणा की है कि 12 अगस्त 2026 की सुबह से ट्रकों, बसों और अंतर-राज्यीय परिवहन को पूरी तरह से रोक दिया जाएगा। उनका कहना है कि मौजूदा हालात में वाहनों का संचालन करना उनके लिए लगातार महंगा होता जा रहा है। ट्रांसपोर्टर सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल पर लगाए गए 70 से 80 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर के पेट्रोलियम लेवी का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि भारी टैक्स के साथ-साथ टोल प्लाजा का खर्च भी बढ़ गया है।
हड़ताल का प्रभाव और मांगें
चार लाख मालवाहक वाहनों पर पड़ा असर
ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के कारण देशभर में लगभग चार लाख मालवाहक वाहनों की गतिविधियां ठप हो गई हैं। रविवार को भी यह हड़ताल जारी रही, जिससे सामान की आवाजाही और सप्लाई चेन पर दबाव बढ़ने की आशंका है। पाकिस्तान गुड्स ट्रांसपोर्टर्स अलायंस के चेयरमैन निसार हुसैन जाफरी ने बताया कि ट्रांसपोर्टर कई मांगों को लेकर विरोध कर रहे हैं, जिनमें सरकार द्वारा लागू किया गया रोजाना ईंधन कीमत तय करने का सिस्टम भी शामिल है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों के अनुसार, सोमवार को सरकार के साथ बातचीत के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी। यदि बातचीत से समाधान नहीं निकलता है, तो हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया जा सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ऐतिहासिक वृद्धि
पहले भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थीं कीमतें
पाकिस्तान में ईंधन की कीमतों में पहले भी भारी वृद्धि देखी गई है। अप्रैल में, पेट्रोल का दाम रिकॉर्ड 459 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया था, जबकि डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई थी। डीजल की महंगाई पाकिस्तान के लिए विशेष चिंता का विषय है, क्योंकि देश में सड़क परिवहन का बड़ा हिस्सा डीजल वाहनों पर निर्भर करता है। ऐसे में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का सीधा असर माल ढुलाई, परिवहन लागत और आम जरूरत की चीजों की कीमतों पर पड़ता है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ जमात-ए-इस्लामी ने भी आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने 16 अगस्त को पाकिस्तान की चारों प्रांतीय राजधानियों में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण देश में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है।