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पाकिस्तान में फुटबॉल टीम पर लूट: सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक फुटबॉल टीम को टूर्नामेंट के दौरान लूट का शिकार होना पड़ा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कराची की टीम जब क्वेटा जा रही थी, तब सशस्त्र बदमाशों ने उनकी बस को रोका और खिलाड़ियों से कीमती सामान लूट लिया। इस घटना ने सुरक्षा चिंताओं को फिर से उजागर किया है, खासकर जब सिंध फुटबॉल एसोसिएशन ने पहले ही सुरक्षा कारणों से अपनी टीम को भेजने से मना किया था। जानें इस घटना के पीछे की पूरी कहानी और सुरक्षा की स्थिति के बारे में।
 

पाकिस्तान में सुरक्षा की स्थिति पर चिंता


नई दिल्ली: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। हाल ही में कराची की एक फुटबॉल टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने के दौरान सशस्त्र बदमाशों ने लूट लिया। यह घटना क्वेटा जाने वाले नेशनल हाईवे पर हुई, जिसने सूबे की कानून-व्यवस्था की गंभीरता को उजागर किया है। जानकारी के अनुसार, कराची डिस्ट्रिक्ट वेस्ट की लोकल फुटबॉल टीम 'चीफ मिनिस्टर गोल्ड कप' में भाग लेने के लिए बस से क्वेटा जा रही थी। सोमवार शाम को मस्तंग और सरियाब के बीच लगभग 12 हथियारबंद बदमाशों ने उनकी बस को रोक लिया। नकाबपोश लुटेरों ने सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को गनपॉइंट पर नीचे उतारा और उनके मोबाइल फोन, नकदी और अन्य कीमती सामान लूट लिए।


बंदूक की बट से हमला

टीम के मैनेजर जुल्फिकार अली भुट्टो ने बताया कि बदमाशों ने अचानक बस को घेर लिया और सभी को उतरने का आदेश दिया। जब खिलाड़ियों और अधिकारियों ने लूट का विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। बदमाशों ने राइफलों की बट से उन पर हमला किया। इस घटना के बाद टीम किसी तरह क्वेटा पहुंची, लेकिन उनके पास खाने-पीने और होटल में ठहरने के लिए पैसे नहीं बचे थे। बलूचिस्तान के खेल मंत्री ने मामले की जानकारी मिलने पर खिलाड़ियों के लिए खाने और रहने की व्यवस्था की।


सुरक्षा चिंताओं की अनदेखी

इस घटना के बाद टीम के बस से यात्रा करने पर सवाल उठ रहे हैं। सिंध फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद आजम ने कहा कि सुरक्षा की स्थिति खराब होने के कारण एसोसिएशन ने अपनी आधिकारिक टीम को टूर्नामेंट में नहीं भेजा था। कराची के सभी लोकल क्लबों को भी बस या ट्रेन से क्वेटा न जाने की सख्त हिदायत दी गई थी, लेकिन वेस्ट की टीम ने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा कि जिस अनहोनी का डर था, वही हुआ। सुरक्षा चिंताओं के चलते पंजाब और खैबर पख्तूनख्वा ने भी अपनी टीमें टूर्नामेंट से वापस ले ली थीं।


यह पहली बार नहीं है जब ऐसी घटना हुई है। हाल ही में डेरा बुगटी क्षेत्र से दो क्रिकेटरों का अपहरण भी किया गया था। खासकर मस्तंग से क्वेटा को जोड़ने वाला हाईवे यात्रियों के लिए सबसे खतरनाक माना जाता है, जहां हथियारबंद गिरोह अक्सर यात्रियों को निशाना बनाते हैं।