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पाकिस्तान में विदेशी निवेशकों का भरोसा डगमगाया: चीनी कंपनी ने बंद की फैक्ट्री

पाकिस्तान में एक चीनी कंपनी ने अपने ग्वादर स्थित कारखाने को बंद करने का निर्णय लिया है, जिससे CPEC परियोजना पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। कंपनी ने खराब कारोबारी माहौल और निर्यात में रुकावटों को इसके पीछे के कारण बताया है। यह घटना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए चिंताजनक है, खासकर जब प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन के दौरे पर जाने वाले हैं। विदेशी निवेशकों का विश्वास उठना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है।
 

पाकिस्तान में आर्थिक संकट की नई लहर


इस्लामाबाद: पाकिस्तान को लगातार आर्थिक झटके मिल रहे हैं। हाल ही में, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बाद, एक चीनी कंपनी ने भी पाकिस्तान से बाहर निकलने का निर्णय लिया है। इससे चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) की एक महत्वपूर्ण परियोजना पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।


फैक्ट्री बंद करने का निर्णय

चीनी कंपनी 'हैंगेंग ट्रेड कंपनी' ने 1 मई 2026 को ग्वादर फ्री जोन में अपने कारखाने को स्थायी रूप से बंद करने की घोषणा की। इस निर्णय के तहत सभी कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। यह निर्णय अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर लिया गया।


कंपनी ने पाकिस्तान में व्यापारिक माहौल की खराबी, प्रशासनिक बाधाओं, नीतिगत अनिश्चितता और निर्यात में रुकावटों को इसके पीछे के मुख्य कारण बताया। पिछले तीन महीनों में कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा था।


निर्यात में अड़चनें

कंपनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने के बावजूद उसके शिपमेंट अक्सर फंस जाते थे। पाकिस्तानी अधिकारियों से बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला। कंपनी ने काम बंद करने से पहले कर्मचारियों की तीन महीने की सैलरी, बिजली बिल और अन्य देनदारियों का भुगतान किया।


CPEC पर प्रभाव

यह कंपनी ग्वादर नॉर्थ फ्री जोन में गधे काटने और प्रोसेसिंग की एक बड़ी यूनिट चला रही थी, जो CPEC का हिस्सा थी। कंपनी ने भविष्य के निवेशकों को ग्वादर में निवेश करने के लिए सावधान किया है। उसने कहा कि यहां स्पष्ट और व्यावहारिक नीतियों की आवश्यकता है, अन्यथा निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है।


पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति पर असर

कुछ समय पहले, UAE ने पाकिस्तान से अपना बड़ा कर्ज वापस ले लिया था। अब चीनी कंपनी का बाहर जाना पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ चीन के दौरे पर जाने वाले हैं।


विदेशी कंपनियों का विश्वास उठना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और CPEC परियोजना के भविष्य के लिए चिंताजनक है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो अन्य कंपनियां भी पाकिस्तान छोड़ सकती हैं।


यह घटना पाकिस्तान सरकार के लिए एक गंभीर सोचने का विषय बन गई है। सरकार को अब कारोबारी माहौल को सुधारने और निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।