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पीवी सिंधु का वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 में सफर समाप्त

पेरिस में चल रही वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 में भारत की स्टार शटलर पीवी सिंधु का सफर क्वार्टरफाइनल में समाप्त हो गया। उन्होंने पहले राउंड में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी को हराया, लेकिन अंतिम मुकाबले में इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी के खिलाफ हार गईं। यह हार उनके छठे पदक जीतने के सपने को तोड़ती है। जानें उनके प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाओं के बारे में।
 

पीवी सिंधु का सफर खत्म

World Championships 2025: पेरिस में आयोजित वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 में भारत की प्रमुख शटलर पीवी सिंधु का सफर समाप्त हो गया है। क्वार्टरफाइनल में उन्हें इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वर्दानी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। सिंधु ने राउंड ऑफ-16 में दुनिया की दूसरे नंबर की खिलाड़ी, चीन की वांग जी यी को हराकर सभी को चौंका दिया था। उन्होंने यह मैच 21-19, 13-21, 21-15 से जीता था, लेकिन क्वार्टरफाइनल में उन्हें वर्दानी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।


क्वार्टरफाइनल का रोमांच

क्वार्टरफाइनल में सिंधु ने पहले गेम में 14-21 से हार मानी। हालांकि, उन्होंने दूसरे गेम में 21-13 से जीत हासिल कर मैच को बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक गेम में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।


निर्णायक गेम का संघर्ष

निर्णायक गेम में वर्दानी ने 16-21 से जीत हासिल की। तीसरे गेम में मुकाबला काफी कड़ा रहा। सिंधु ने 16-18 तक बराबरी बनाए रखी, लेकिन दो गलत फैसलों और वर्दानी के स्मैश ने खेल का रुख बदल दिया। मिड-गेम ब्रेक पर वर्दानी 11-9 से आगे थी, और अंततः सिंधु की हार 16-21 पर समाप्त हुई। यह मुकाबला कुल 64 मिनट तक चला।


सिंधु का सपना टूटा

इस हार के साथ, पीवी सिंधु का छठे वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में छठा पदक जीतने का सपना टूट गया। सिंधु ने 2019 में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीती थी और अब तक इस टूर्नामेंट में पांच पदक जीत चुकी हैं। यदि वह यह मुकाबला जीत जातीं, तो चीनी स्टार झांग निंग को पीछे छोड़कर इतिहास रच सकती थीं।


पीवी सिंधु का रिकॉर्ड

पीवी सिंधु का वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप में रिकॉर्ड शानदार है। 30 वर्षीय सिंधु सबसे अधिक बार वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2012 में कांस्य पदक जीता था और फिर 2013 में भी कांस्य जीता। 2017 और 2018 में वह फाइनल तक पहुंचीं, लेकिन हार गईं। 2019 में उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। उनके पास कुल 6 मेडल हैं।


ओलंपिक में भी सफलता

पीवी सिंधु ने 2016 रियो और 2020 टोक्यो ओलंपिक में भी मेडल जीते थे। 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने गोल्ड जीता और सिंगापुर ओपन भी अपने नाम किया। हालांकि, पेरिस ओलंपिक 2024 में उन्हें मेडल नहीं मिला और अब वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप 2025 में भी वह मेडल से चूक गईं।