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पुतिन का ब्रिक्स समूह पर जोर: जी7 को पीछे छोड़ने का दावा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्रिक्स समूह की बढ़ती ताकत पर जोर दिया है, यह दावा करते हुए कि यह जी7 को पीछे छोड़ चुका है। उन्होंने सेंट पीटर्सबर्ग में कहा कि विकास की दिशा वैश्विक दक्षिण की ओर बढ़ रही है। पुतिन ने ब्रिक्स देशों के योगदान को वैश्विक जीडीपी में महत्वपूर्ण बताया और विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में उनकी तेज विकास दर की ओर भी इशारा किया। जानें इस महत्वपूर्ण बयान के पीछे की पूरी कहानी।
 

ब्रिक्स समूह की बढ़ती ताकत

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स समूह ने आर्थिक दृष्टि से जी7 को पहले ही पीछे छोड़ दिया है और भविष्य में और भी आगे बढ़ने की संभावना है। सेंट पीटर्सबर्ग अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक मंच (एसपीआईईएफ) में अपने भाषण में पुतिन ने बताया कि यह संकेत करता है कि विकास की दिशा धीरे-धीरे वैश्विक दक्षिण की ओर बढ़ रही है। पुतिन का ब्रिक्स समूह के प्रति समर्थन उस समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस समूह के खिलाफ तीखे बयान दे रहे हैं। ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं, और हाल ही में मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात भी इसमें शामिल हुए हैं। पिछले वर्ष, ट्रम्प ने ब्रिक्स को अमेरिकी डॉलर के लिए खतरा बताया और इस पर 100% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी। 


नए विकास केंद्रों की ओर बढ़ता ब्रिक्स

अपने संबोधन में, पुतिन ने यह भी बताया कि विकास की संरचना नए विकास केंद्रों और वैश्विक दक्षिण के देशों के पक्ष में बदल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिक्स देश नए विकास केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं। पुतिन ने कहा कि यदि आप पिछले पांच वर्षों के वैश्विक जीडीपी पर ध्यान दें, तो पाएंगे कि इसकी वार्षिक वृद्धि का लगभग 49% हिस्सा ब्रिक्स देशों का है, जबकि जी7 का योगदान केवल 18% है। उन्होंने यह भी बताया कि ब्रिक्स देशों की विकास दर विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में काफी तेज है।