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पेशावर में प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 21 की मौत, क्या है इसकी वजह?

पेशावर में एक प्राइवेट स्कूल की छत गिरने से 21 लोगों की जान चली गई, जिनमें 20 बच्चे और एक महिला शिक्षक शामिल हैं। यह घटना 15 अक्टूबर को हुई और इसके पीछे निर्माण कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है। अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं शुरू कर दी गई हैं, जबकि कई घायल छात्रों की हालत गंभीर है। पाकिस्तान में ऐसे हादसे आम हो गए हैं, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है। जानें इस दर्दनाक घटना के बारे में और भी जानकारी।
 

पेशावर में दर्दनाक हादसा


नई दिल्ली: पाकिस्तान से एक बेहद दुखद समाचार आया है। पेशावर के दिर कॉलोनी क्षेत्र में 15 अक्टूबर को एक निजी स्कूल की छत अचानक ढह गई। इस भयानक घटना में 21 लोगों की जान गई, जिनमें 20 बच्चे और एक महिला शिक्षक शामिल हैं। इस हादसे की पुष्टि लेडी रीडिंग हॉस्पिटल के प्रवक्ता मोहम्मद आसिम ने की है।


छात्रों की उम्र और अस्पताल की स्थिति

13 साल से कम उम्र के बच्चे


प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना में 21 लोगों की मृत्यु हुई है और अस्पताल में आपातकालीन सेवाएं शुरू कर दी गई हैं। पहले, उन्होंने 17 छात्रों की मौत की सूचना दी थी, जिनकी उम्र 13 साल से कम थी। इसके अलावा, 17 घायल छात्रों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर है। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया था।


पाकिस्तान में ऐसे हादसे आम हैं

निर्माण कार्यों में लापरवाही


यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हादसा हुआ है। पाकिस्तान में इमारतों और छतों का गिरना एक सामान्य घटना बन गई है। इसके पीछे मुख्य कारण निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग और सुरक्षा मानकों की अनदेखी है। हाल के महीनों में कई ऐसे हादसे हो चुके हैं। जुलाई में उमरकोट के पास एक सरकारी प्राइमरी स्कूल की दीवार गिरने से तीन बच्चियों की जान गई थी। उसी महीने लाहौर में एक निर्माणाधीन स्कूल की छत गिरने से एक बच्चे की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए।


इससे पहले, जून में लाहौर के काहना क्षेत्र में एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की जान गई थी। यह घटना डेरा गाजी खान में एक अन्य हादसे के दो महीने बाद हुई, जहां एक स्कूल की छत गिरने से चार बच्चों की मौत और 20 लोग घायल हुए थे। जांच में पता चला कि उस समय इमारत में विस्तार का कार्य चल रहा था।