प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा पर पूर्व मंत्री की सराहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे की यात्रा पर जाने वाले हैं। इस यात्रा के संदर्भ में, पूर्व मंत्री एरिक सोल्हेम ने मोदी के नेतृत्व और पर्यावरण के प्रति उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा की है। उन्होंने मोदी को 'दुनिया का सबसे लोकप्रिय राजनेता' बताया और कहा कि उनकी लोकप्रियता रेटिंग लगभग 70 प्रतिशत है। सोल्हेम ने मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक वृद्धि की भी सराहना की, जो सालाना लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। इस लेख में मोदी की साधारण पृष्ठभूमि और उनके सफर का भी उल्लेख किया गया है।
May 13, 2026, 16:31 IST
प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे की यात्रा पर जाने वाले हैं, जो उनके पांच देशों के दौरे का हिस्सा है। इस अवसर पर, नॉर्वे के पूर्व मंत्री और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के पूर्व प्रमुख, एरिक सोल्हेम ने मोदी के नेतृत्व और पर्यावरण के प्रति उनके दृष्टिकोण की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी नेताओं को मोदी के "हरित संदेश" से बहुत कुछ सीखने की आवश्यकता है और उन्हें "दुनिया का सबसे लोकप्रिय राजनेता" करार दिया।
सोल्हेम की प्रशंसा
सोल्हेम ने नॉर्वे के एक समाचार पत्र में लिखा कि नॉर्डिक देशों के प्रधानमंत्रियों को मोदी के साथ अपनी बैठक के दौरान "ध्यान से सुनना" चाहिए। उन्होंने मोदी की लोकप्रियता और आर्थिक सुधारों पर जोर दिया, उन्हें एक परिवर्तनकारी नेता के रूप में वर्णित किया जो भारत के वैश्विक उदय को आगे बढ़ा रहे हैं।
मोदी की लोकप्रियता
सोल्हेम ने मोदी की राजनीतिक स्थिति की सराहना करते हुए कहा, "कोई भी नेता किसी भी प्रमुख देश में मोदी जितना लोकप्रिय नहीं है।" उन्होंने बताया कि मोदी की लोकप्रियता रेटिंग लगभग 70 प्रतिशत है, जिससे वह दुनिया के सबसे प्रभावशाली लोकतांत्रिक नेताओं में से एक बने हुए हैं।
भारत की आर्थिक वृद्धि
सोल्हेम ने मोदी के नेतृत्व में भारत की आर्थिक विकास यात्रा पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था सालाना लगभग सात प्रतिशत की दर से बढ़ रही है, जो अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से कहीं अधिक है।
मोदी का सफर
इस लेख में मोदी की साधारण पृष्ठभूमि का भी उल्लेख किया गया है। सोल्हेम ने बताया कि मोदी का सफर वडनगर से शुरू हुआ, जहां उनके माता-पिता रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे। यह यात्रा उन्हें एक 'स्व-निर्मित' नेता बनाती है।
2050 तक भारत की संभावनाएँ
सोल्हेम ने कहा कि यदि मौजूदा विकास दर इसी तरह जारी रही, तो 2050 तक भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकती है।