प्रधानमंत्री मोदी की यूएई यात्रा: भारत और यूएई के बीच नए समझौतों की बौछार
नई दिल्ली: पीएम मोदी की यूएई यात्रा के लाभ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया यात्रा संयुक्त अरब अमीरात ने भारत के लिए कई महत्वपूर्ण रणनीतिक और आर्थिक लाभ प्रदान किए हैं। अबू धाबी में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ हुई बैठक में दोनों देशों ने रक्षा, ऊर्जा, निवेश और बुनियादी ढांचे से संबंधित कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बनाई। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास और मजबूत संबंधों की झलक देखने को मिली।
यूएई के प्रति पीएम मोदी का संदेश
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के संदर्भ में, पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत हर स्थिति में यूएई के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने यूएई पर हुए हमलों की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा को निशाना बनाना अस्वीकार्य है। पीएम मोदी ने संवाद और कूटनीति के माध्यम से समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया और वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित रखने की बात की।
यूएई में भव्य स्वागत और भारतीय समुदाय की सराहना
यूएई पहुंचने पर मिले भव्य स्वागत के लिए पीएम मोदी ने आभार व्यक्त किया और इस देश को अपना 'दूसरा घर' बताया। उन्होंने कहा कि यूएई वायुसेना द्वारा प्रदान किए गए विशेष एस्कॉर्ट ने भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान बढ़ाया है। इसके साथ ही, उन्होंने कोरोना महामारी और अन्य कठिन समय में भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए यूएई सरकार और शाही परिवार की सराहना की।
भारत और यूएई के बीच महत्वपूर्ण समझौतों की श्रृंखला
इस यात्रा के दौरान भारत और यूएई के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों देशों ने रणनीतिक रक्षा साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा समझौता किया, जिससे सैन्य और सुरक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी। ऊर्जा क्षेत्र में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व और एलपीजी सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए भी महत्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके अलावा, गुजरात के वाडिनार में शिप रिपेयर क्लस्टर विकसित करने पर सहमति बनी।
आर्थिक क्षेत्र में भारत की बड़ी सफलता
आर्थिक मोर्चे पर भी भारत को बड़ी सफलता मिली है। यूएई ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और वित्त क्षेत्र में लगभग 5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-यूएई की व्यापक रणनीतिक साझेदारी तेजी से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है और भविष्य में दोनों देश हर क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे।