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प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे पर जॉर्जिया मेलोनी का प्रेरणादायक संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इटली के दौरे के दौरान प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ भारत-इटली संबंधों पर चर्चा की। मेलोनी ने हिंदी की कहावत 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है' का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच नए अध्याय की शुरुआत की बात की। इस लेख में जानें उनके संबोधन के मुख्य बिंदु और भारत-इटली के आर्थिक संबंधों की स्थिति।
 

इटली में पीएम मोदी का स्वागत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पांच देशों के यूरोप दौरे के अंतिम चरण में 19 और 20 मई को इटली का दौरा किया। इस दौरान, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अपने भाषण में हिंदी की प्रसिद्ध कहावत 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है' का उल्लेख किया, जो वहां उपस्थित लोगों को बहुत पसंद आई। इस अवसर पर पीएम मोदी भी मंच पर मौजूद थे, और इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।


जॉर्जिया मेलोनी का संबोधन

इटली की प्रधानमंत्री ने कहा, 'आपकी यह यात्रा हमारे लिए गर्व की बात है। इससे हमारे देशों के बीच एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। मुझे विश्वास है कि यह अंतिम अध्याय नहीं होगा, बल्कि उस लंबी किताब का हिस्सा होगा जिसे हम दोनों मिलकर मेहनत और लगन से लिखेंगे।'


उन्होंने आगे कहा, 'भारत में एक शब्द है 'परिश्रम', जिसका अर्थ है कड़ी मेहनत। मुझे पता है कि भारत में यह शब्द बहुत प्रचलित है। वहां एक कहावत भी है 'परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।' इसका मतलब है कि मेहनत ही सफलता दिलाती है। हम भी अपने रिश्तों को इसी सोच के साथ आगे बढ़ाना चाहते हैं, ताकि मेहनत अंततः सफलता में परिवर्तित हो सके।'


भारत-इटली के आर्थिक संबंध

भारत और इटली के बीच आर्थिक संबंध हाल के वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं। इटली में भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों देशों के बीच व्यापार 2025 तक 14.25 अरब यूरो तक पहुंचने की उम्मीद है। इसमें भारत का निर्यात 8.55 अरब यूरो और इटली का भारत को निर्यात 5.70 अरब यूरो है, जो 2024 की तुलना में 9.42 प्रतिशत अधिक है।


दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। यूरोपीय संघ में, इटली भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, और इटली ने अपनी वैश्विक व्यापार रणनीति में भारत को प्राथमिकता वाले देशों में शामिल किया है।