प्राचीन ग्रीस से लेकर आज तक: शक्ति और राजनीति का खेल
इस लेख में प्राचीन ग्रीस के युद्ध और आज की अंतरराष्ट्रीय राजनीति के बीच के समानांतर को दर्शाया गया है। एथेंस और स्पार्टा के संघर्ष से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका की वैश्विक नीतियों तक, यह लेख शक्ति और राजनीति के खेल को उजागर करता है। जानें कैसे छोटे देशों को महाशक्तियों के सामने झुकना पड़ता है और चीन की स्थिति क्या है।
Mar 3, 2026, 16:30 IST
प्राचीन ग्रीस का युद्ध
करीब 2500 साल पहले, प्राचीन ग्रीस में एथेंस और स्पार्टा के बीच एक भयंकर युद्ध छिड़ गया। एथेंस, जो समुद्री शक्ति के रूप में जाना जाता था, और स्पार्टा, जो अपनी ज़मीनी ताकत के लिए प्रसिद्ध था, के बीच यह संघर्ष हुआ। इस समय कई छोटे नगर-राज्य भी थे, लेकिन वे एथेंस और स्पार्टा की तुलना में कमजोर थे। कुछ राज्यों ने एथेंस का समर्थन किया, जबकि अन्य ने स्पार्टा का। इस बीच, मिलोस नामक एक छोटा द्वीप राज्य था, जिसने युद्ध में भाग न लेने का निर्णय लिया और तटस्थ रहने की घोषणा की। जैसे-जैसे युद्ध बढ़ा, एथेंस की सेना मिलोस के पास पहुंची और उसे आत्मसमर्पण करने का दबाव डाला। मिलोस ने आश्चर्यचकित होकर पूछा कि जब वह तटस्थ है, तो उसके खिलाफ यह बल प्रयोग क्यों किया जा रहा है?
शक्ति का नियम
एथेंस की ओर से जवाब मिला कि शक्तिशाली वही करता है जो चाहता है, और कमजोर को वही सहना पड़ता है। आज, 2500 साल बाद, अंतरराष्ट्रीय राजनीति में यही नियम लागू होता है। जहां कुछ महाशक्तियाँ दुनिया को अपने तरीके से चलाती हैं, वहीं अन्य देशों के पास उनके इशारों पर चलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। हाल ही में अमेरिका ने डोनाल्ड ट्रंप के शासन में वेनेज़ुएला के नेतृत्व पर नियंत्रण किया और वहां के कच्चे तेल की आपूर्ति पर अपना अधिकार जमा लिया। इसके बाद, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामनेई को मार दिया। इस प्रकार, दुनिया एक बार फिर से संकट के कगार पर खड़ी है।
ट्रंप का प्रभाव
खामनेई की हत्या के बाद ट्रंप ने दुनिया को संबोधित नहीं किया। उस समय वह व्हाइट हाउस में नहीं थे, बल्कि अपने निजी आवास में पार्टी में व्यस्त थे। ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से खामनेई की हत्या की जानकारी दी। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा, सऊदी अरब और तुर्की के नेताओं के बयानों पर गौर करें। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी, जो पहले ट्रंप के खिलाफ थे, अब ईरान पर ट्रंप के हमले का समर्थन कर रहे हैं। कुल मिलाकर, ट्रंप हर हफ्ते साबित कर रहे हैं कि वे दुनिया के असली नेता हैं।
चीन की स्थिति
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की स्थिति पर ध्यान दें। अमेरिका की आलोचना करने में चीन का कोई जवाब नहीं है, लेकिन जब अमेरिका की बात आती है, तो चीन पीछे हट जाता है। चीन की बढ़ती आर्थिक और सैन्य ताकत के बावजूद, वह अमेरिका को रोकने की क्षमता नहीं रखता। शी जिनपिंग के शासन में चीन पहले से कहीं अधिक शक्तिशाली नजर आता है, लेकिन इस समय वह प्रभावहीन भी प्रतीत होता है। खामनेई की हत्या से अमेरिका को चीन के लिए अच्छी खबर नहीं है, क्योंकि इससे मध्य पूर्व में उसके विस्तार की नीति को झटका लगेगा।
अमेरिका का विस्तार
अमेरिका धीरे-धीरे अपनी शक्ति बढ़ा रहा था। कई छोटे प्रांतों ने अमेरिका के साथ जुड़ने का निर्णय लिया, जैसे इलिनोइस, ओहायो और फ्लोरिडा। जिन प्रांतों ने अमेरिका के साथ जुड़ने से इनकार किया, वहां अमेरिका ने अपनी सेना भेजकर कब्जा कर लिया। कैलिफोर्निया नरसंहार इसका एक उदाहरण है, जहां हजारों लोगों को मारा गया। अमेरिका ने 1867 में रूस से अलास्का खरीदा और बाद में हवाई, प्यूर्टो रिको और गुआम पर कब्जा कर लिया।
अमेरिका के महत्वपूर्ण निर्णय
अमेरिका के नक्शे को बदलने वाले कुछ प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
1803 में अमेरिका ने फ्रांस से लुइसियाना खरीदा।
1819 में स्पेन से फ्लोरिडा 50 लाख डॉलर में खरीदा।
1845 में अमेरिका ने टेक्सास को अपने साथ मिला लिया।
1848 के युद्ध में अमेरिका ने मेक्सिको पर कब्जा कर लिया।
1867 में अलास्का को 72 लाख डॉलर में रूस से खरीदा।