फिलाडेल्फिया में भारतीय युवक की हत्या: परिवार ने न्याय की मांग की
फिलाडेल्फिया में एक भारतीय युवक, अंशुल कुंचा, की पिज्जा डिलीवरी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिवार ने न्याय की मांग की है और शव को भारत लाने की अपील की है। इस घटना ने पूरे गुंडलापोचमपल्ली क्षेत्र में शोक की लहर पैदा कर दी है। जानें इस दुखद घटना के बारे में और क्या कहा परिवार ने।
Jun 7, 2026, 18:02 IST
दुखद घटना की जानकारी
अमेरिका से एक अत्यंत दुखद और चौंकाने वाली खबर आई है। हैदराबाद के 28 वर्षीय युवक, अंशुल कुंचा, की अमेरिका के फिलाडेल्फिया में पिज्जा डिलीवरी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह घटना 5 जून को हुई, जिसकी जानकारी युवक के परिवार ने साझा की। मृतक का परिवार गुंडलापोचमपल्ली में निवास करता है।
भारतीय दूतावास की प्रतिक्रिया
इस घटना पर न्यूयॉर्क में स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने गहरा दुख व्यक्त किया है। दूतावास ने एक पोस्ट में कहा, "फिलाडेल्फिया में भारतीय नागरिक अंशुल कुंचा की अचानक मृत्यु से हमें अत्यंत दुख हुआ है। इस कठिन समय में हमारी संवेदनाएं उनके परिवार के साथ हैं। हम परिवार के संपर्क में हैं और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।"
पार्ट-टाइम काम के दौरान हुई हत्या
अंशुल की बहन, तन्वी, ने मीडिया को बताया कि उनका भाई उत्तरी फिलाडेल्फिया में एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता था और वीकेंड पर अतिरिक्त आय के लिए पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम करता था।
तन्वी ने कहा, "हमें मिली जानकारी के अनुसार, अंशुल को सिर में तीन गोलियां मारी गईं और उन्हें सड़क पर तड़पने के लिए छोड़ दिया गया। यह चौंकाने वाली बात है कि उनके पास से कुछ भी लूट नहीं किया गया। अंशुल को एक सुनसान इलाके में भेजा गया था, जो एक सोची-समझी साजिश प्रतीत होती है। मुझे नहीं पता कि अपराधियों को इससे क्या मिला, लेकिन उन्होंने हमारे भाई को हमसे हमेशा के लिए छीन लिया।"
शव भारत लाने की अपील
तन्वी ने अमेरिकी प्रशासन से न्याय की मांग की है और भारत के विदेश मंत्रालय से भी अपील की है कि उनके भाई का शव जल्द से जल्द भारत लाया जाए। उन्होंने कहा, "हमें बताया गया है कि शव सोमवार को सौंपा जाएगा, हम बस यही चाहते हैं कि वह जल्दी घर आ जाए।" अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दो बंदूकधारी काले नकाब में थे और उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।
अमेरिका में पढ़ाई के लिए गए थे अंशुल
परिवार के सूत्रों के अनुसार, अंशुल लगभग चार साल पहले अपनी पढ़ाई पूरी करने के लिए अमेरिका गए थे। पढ़ाई खत्म करने के बाद वह वहां नौकरी कर रहे थे। तन्वी ने यह भी बताया कि इससे पहले भी कुछ बदमाशों ने अंशुल को निशाना बनाया था और उनसे सोने की चेन, फोन और नकद लूट लिया था। इस घटना के बाद से गुंडलापोचमपल्ली में शोक की लहर है।