फिलीपींस के रक्षा सचिव का चीन पर तीखा हमला: दक्षिण चीन सागर में बढ़ता तनाव
चीन और फिलीपींस के बीच बढ़ता विवाद
नई दिल्ली: दक्षिण चीन सागर में चीन और फिलीपींस के बीच तनाव एक नई ऊंचाई पर पहुंच गया है। यह विवाद अब केवल समुद्री सीमाओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कूटनीतिक मंचों पर भी इसका प्रभाव स्पष्ट हो रहा है। हाल ही में, फिलीपींस के रक्षा सचिव गिल्बर्टो टियोडोरो जूनियर ने एक अंतरराष्ट्रीय रक्षा सम्मेलन में चीन को कड़े शब्दों में जवाब दिया।
सियोल में डिफेंस डायलॉग के दौरान टियोडोरो का जवाब
दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित डिफेंस डायलॉग के दौरान, टियोडोरो ने दक्षिण चीन सागर में चीन की कथित दबाव वाली रणनीति पर चर्चा की। इसी दौरान उन्हें चीन की ओर से एक नोट प्राप्त हुआ, जिसमें 2016 के अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के फैसले को मानने से इनकार किया गया था।
उन्होंने मंच पर ही इस नोट का जवाब देना शुरू किया और चीन के रुख पर सवाल उठाते हुए पूछा कि यदि संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून संधि (UNCLOS) के तहत निर्णय को स्वीकार नहीं किया जाता है, तो क्या चीन इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है?
चीन की हार पर टियोडोरो का कटाक्ष
फिलीपींस के रक्षा सचिव ने चीन के रुख पर कटाक्ष करते हुए कहा कि मध्यस्थता के फैसले को बाध्यकारी नहीं मानने का कारण यही है कि चीन इसमें हार गया है। उन्होंने चीन पर दबाव और आक्रामकता की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया।
MAHIYA NAMAN KAYO | Secretary of National Defense Gilberto C. Teodoro, Jr. responded to a note from the Chinese side during the Seoul Defense Dialogue (SDD) 2026 in Seoul, Republic of Korea.#DNDPHL #DiKaPasisiil #SDD2026 pic.twitter.com/fsCRVphkgf
— Department of National Defense - Philippines (@dndphl) September 8, 2026
इसके बाद, उन्होंने फिलिपिनो भाषा में चीन को कहा कि थोड़ा शर्म करो और कुछ लिहाज दिखाओ। उनके इस बयान पर उपस्थित लोगों ने तालियां बजाईं।
दक्षिण चीन सागर का विवाद
चीन और फिलीपींस के बीच तनाव का मुख्य कारण दक्षिण चीन सागर में समुद्री क्षेत्र और संसाधनों पर अधिकार का विवाद है। चीन 'नाइन-डैश लाइन' के आधार पर समुद्र के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि फिलीपींस अपने विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) पर अधिकार की बात करता है।
2016 में स्थायी मध्यस्थता न्यायालय ने फिलीपींस के पक्ष में फैसला दिया था, जिसे चीन ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद से दोनों देशों के तटरक्षक बलों और मछुआरों के बीच कई बार टकराव की स्थिति बन चुकी है।
चीन का कड़ा जवाब
घटना के बाद, चीन ने फिलीपींस पर दक्षिण चीन सागर में तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया। चीनी विदेश मंत्रालय ने फिलीपींस के कुछ लोगों से विवाद पैदा करने और क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियां रोकने की अपील की।