फ्रांस और यूके का संयुक्त प्रयास: होर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा के लिए बहुराष्ट्रीय मिशन
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम मिलकर होर्मुज जलमार्ग की सुरक्षा के लिए एक बहुराष्ट्रीय मिशन का नेतृत्व करेंगे। यह पहल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षित नौवहन को बहाल करने के उद्देश्य से की जा रही है। मैक्रों ने कहा कि यह मिशन पूरी तरह से रक्षात्मक होगा और इसमें किसी भी युद्धरत पक्ष की भागीदारी नहीं होगी। सम्मेलन का आयोजन उन देशों के साथ किया जाएगा जो इस मिशन में योगदान देने के इच्छुक हैं। जानें इस पहल के पीछे के उद्देश्य और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए इसके महत्व।
Apr 13, 2026, 16:33 IST
फ्रांस और यूके का नया मिशन
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी कि फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम मिलकर एक बहुराष्ट्रीय पहल का नेतृत्व करेंगे। इसका उद्देश्य अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर उत्पन्न अनिश्चितताओं के बीच इस जलमार्ग में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन को बहाल करना है। मैक्रों ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि यह कदम मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक राजनयिक प्रयासों का हिस्सा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह मिशन पूरी तरह से रक्षात्मक होगा और इसमें किसी भी युद्धरत पक्ष की भागीदारी नहीं होगी।
सम्मेलन का आयोजन
मैक्रों ने बताया कि फ्रांस और यूके जल्द ही उन देशों के साथ एक सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए एक शांतिपूर्ण बहुराष्ट्रीय मिशन में योगदान देने के इच्छुक हैं। उन्होंने कहा, "हम आने वाले दिनों में यूनाइटेड किंगडम के साथ एक सम्मेलन करेंगे, जिसमें उन देशों को शामिल किया जाएगा जो जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने के लिए हमारे साथ सहयोग करने के लिए तैयार हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि यह मिशन युद्धरत पक्षों से अलग होगा और स्थिति अनुकूल होते ही इसे तैनात किया जाएगा।
क्षेत्रीय चिंताओं का समाधान
मैक्रों ने इस पहल को क्षेत्रीय चिंताओं से भी जोड़ा, जिसमें ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक गतिविधियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में एक महीने से चल रहे संघर्ष के बाद अमेरिकी-इजरायल गठबंधन बलों और ईरान के बीच युद्धविराम लागू है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास पश्चिम एशिया में संघर्षों के राजनयिक समाधान के लिए व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें लेबनान में स्थिरता बहाल करना भी शामिल है।
ईरान की प्रतिक्रिया
फ्रांसीसी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) द्वारा ईरानी बंदरगाहों से जुड़े समुद्री यातायात पर प्रतिबंध लगाने के बाद आई है। CENTCOM के अनुसार, ये उपाय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर लागू किए जा रहे हैं। ईरानी अधिकारियों ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है और चेतावनी दी है कि यदि ईरान के सुरक्षा हितों को खतरा हुआ तो समुद्री सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।