फ्रांस में 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध का प्रस्ताव
फ्रांस का नया प्रस्ताव
नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के बाद, अब फ्रांस ने भी 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया है। एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, बच्चों के बढ़ते स्क्रीन समय और सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। इस मसौदा कानून को सितंबर तक लागू करने की योजना है।
कानून का उद्देश्य
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन के समर्थन से लाए जा रहे इस प्रस्ताव को बच्चों की डिजिटल सुरक्षा से जोड़ा जा रहा है। सरकार का मानना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों की मानसिक सेहत, नींद और व्यवहार पर गंभीर प्रभाव डालता है।
मसौदा कानून की विशेषताएँ
एएफपी द्वारा देखे गए मसौदा कानून के अनुसार, 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी ऑनलाइन सोशल मीडिया सेवा का उपयोग करना गैरकानूनी होगा। इसका उद्देश्य बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौजूद अनुचित सामग्री और ऑनलाइन खतरों से सुरक्षित रखना है।
मैक्रॉन का समर्थन और संसद में चर्चा
इस पहल को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने कहा है कि संसद को जनवरी से इस प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करनी चाहिए। मैक्रॉन ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों की डिजिटल सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
ऑस्ट्रेलिया का उदाहरण
हाल ही में, ऑस्ट्रेलिया ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लागू किया है। फ्रांस का यह कदम भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।
स्क्रीन टाइम के जोखिम
फ्रांसीसी मसौदा कानून में कहा गया है कि कई अध्ययनों में यह पाया गया है कि किशोरों द्वारा डिजिटल स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग मानसिक तनाव, नींद की समस्याएँ और व्यवहार में बदलाव का कारण बनता है।
ऑनलाइन खतरों पर चिंता
सरकार का कहना है कि जिन बच्चों को ऑनलाइन सेवाओं तक बिना रोक-टोक पहुंच मिलती है, वे अक्सर अनुचित सामग्री के संपर्क में आते हैं और साइबर उत्पीड़न का सामना कर सकते हैं, जिससे उनके नींद के पैटर्न पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कानून के प्रमुख प्रावधान
इस मसौदा कानून में दो महत्वपूर्ण अनुच्छेद शामिल हैं। पहला अनुच्छेद 15 वर्ष से कम आयु के बच्चों को सोशल मीडिया सेवा प्रदान करने को अवैध घोषित करता है। दूसरा अनुच्छेद माध्यमिक विद्यालयों में मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रावधान करता है।
पहले से लागू नियमों की स्थिति
फ्रांस में प्री-स्कूल और मिडिल स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध 2018 से लागू है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार इसका पालन सख्ती से नहीं हो रहा है। यही कारण है कि सरकार अब और कड़े कानून की आवश्यकता महसूस कर रही है।
डिजिटल कानूनी उम्र पर पहले के प्रयास
फ्रांस ने 2023 में एक कानून पारित किया था, जिसमें 15 वर्ष की "डिजिटल कानूनी उम्र" तय करने की बात कही गई थी, लेकिन यह कानून बाद में रोक दिया गया क्योंकि इससे यूरोपीय संघ के नियमों का उल्लंघन हो रहा था।
सीनेट का समर्थन
फ्रांस की उच्च सदन सीनेट ने इस महीने एक और पहल का समर्थन किया है, जिसमें 13 से 16 वर्ष के बच्चों को सोशल मीडिया साइट्स पर पंजीकरण के लिए माता-पिता की अनुमति अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव अब राष्ट्रीय सभा के पास भेजा गया है, जहां से मंजूरी मिलने के बाद ही यह कानून का रूप ले सकेगा।