फ्रांस में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: क्या है इसके पीछे की वजह?
फ्रांस में छात्रों का आंदोलन
नई दिल्ली: फ्रांस में स्कूली छात्रों ने हाल ही में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू किया है। उनकी मांगों के लिए शुरू हुआ यह आंदोलन अब हिंसक रूप ले चुका है। अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को पूरे देश में लगभग 400 हाई स्कूल बंद रहे। इस आंदोलन के दौरान एक सप्ताह में कई स्कूल स्टाफ घायल हुए हैं और लगभग 2,000 छात्रों को गिरफ्तार किया गया है।
पेरिस से शुरू होकर पूरे देश में फैला आंदोलन
यह प्रदर्शन पिछले हफ्ते पेरिस के एक क्षेत्र से शुरू हुआ और तेजी से पूरे फ्रांस में फैल गया। फाइनल ईयर के छात्र स्कूलों के गेट पर रास्ता रोककर पुलिस से भिड़ रहे हैं। कुछ स्थानों पर स्कूल बंद कराने के लिए गेट के सामने आग भी लगाई गई है।
छात्रों की नाराजगी के कारण
छात्रों का कहना है कि स्कूल के घंटे अत्यधिक लंबे हैं और स्कूलों की स्थिति संतोषजनक नहीं है। क्लासरूम में गर्मी बहुत होती है, जबकि एसी जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा, छात्रों की एक और शिकायत यह है कि शिक्षक और स्टाफ अक्सर अनुपस्थित रहते हैं।
सरकार का दृष्टिकोण
सरकार का मानना है कि छात्रों की शिकायतें सही हो सकती हैं, लेकिन हिंसा को स्वीकार नहीं किया जा सकता। शिक्षा मंत्री एडुआर्ड गेफ्रे के अनुसार, आंदोलन अब हिंसक तत्वों के नियंत्रण में चला गया है। देश के 3,700 हाई स्कूलों में से लगभग 400 के शुक्रवार को बंद रहने की संभावना थी। आंदोलन के दौरान कम से कम 65 स्टाफ सदस्य घायल हुए हैं, जिनमें 40 प्रिंसिपल शामिल हैं। कुछ शहरों जैसे मार्सिले में स्कूलों ने ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने की योजना बनाई है। गेफ्रे ने माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चों को प्रदर्शन में शामिल होने से रोकें, क्योंकि सड़कों पर बच्चों की सुरक्षा खतरे में है।
माता-पिता से हर्जाना वसूला जाएगा
न्याय मंत्री गेराल्ड डारमानिन ने सरकारी वकीलों को निर्देश दिया है कि प्रदर्शन के दौरान बच्चों द्वारा किए गए नुकसान के लिए माता-पिता को जिम्मेदार ठहराया जाए और मरम्मत का खर्च उनसे वसूला जाए। उनके अनुसार, आंदोलन के आरंभ के बाद से लगभग 2,000 लोग पुलिस हिरासत में लिए गए हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत नाबालिग हैं। एक ओर छात्र बेहतर सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार सख्त रुख अपनाए हुए है। अब यह देखना होगा कि क्या बातचीत से समाधान निकलता है या स्थिति और बिगड़ती है।