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फ्रांस में बढ़ती हिंसा: राष्ट्रपति मैक्रों ने कड़े कदम उठाए, ईरान-इजरायल में बयानबाजी

फ्रांस में हालिया हिंसा ने देश को संकट में डाल दिया है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उपद्रवियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है, जबकि प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने आपातकालीन बैठक बुलाई है। देशभर में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। इस बीच, ईरान और इजरायल के बीच तीखी बयानबाजी भी देखने को मिल रही है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

फ्रांस में हिंसा का बढ़ता संकट


नई दिल्ली: फ्रांस की सड़कों पर हो रही हिंसा अब केवल एक राष्ट्रीय समस्या नहीं रह गई है। 17 अक्टूबर को हुई आगजनी और लूटपाट के बाद, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सोमवार को सख्त रुख अपनाया। उन्होंने अपने राष्ट्र के संबोधन में उपद्रवियों को चेतावनी दी कि जो लोग तोड़फोड़ और अराजकता फैलाएंगे, उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इस बीच, ईरान और इजरायल भी इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं।


स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, प्रधानमंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने सोमवार को एक आपात बैठक बुलाई। उन्होंने घोषणा की कि प्रभावित क्षेत्रों में सोमवार शाम से आंशिक कर्फ्यू लागू किया जाएगा। इसके साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हिंसा पर नियंत्रण नहीं पाया गया, तो सरकार पूरे देश में आपातकाल लगाने से भी नहीं हिचकेगी। देशभर में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसमें लगभग सौ पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं। पेरिस, लियोन, मार्सेई और अन्य शहरों में आगजनी की घटनाएं हुई हैं। मैक्रों ने पुलिस की नई रणनीतियों को जल्द लागू करने का निर्देश दिया है।


गृह मंत्री का इस्तीफा और प्रशासन की विफलता

इस बीच, यह खबर आई है कि मैक्रों ने गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। नुनेज ने पहले इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन मैक्रों ने उन्हें आपात स्थिति में पुलिस की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पद पर बने रहने को कहा था। मैक्रों के अनुसार, मौजूदा हालात में कानून प्रवर्तन एजेंसियों का नेतृत्व बनाए रखना आवश्यक है। न्याय मंत्री जेराल्ड दारमानिन ने स्वीकार किया कि प्रशासन हिंसा के सामने स्पष्ट रूप से असफल रहा है। उन्होंने फ्रांसीसी टीवी पर कहा कि खुफिया तंत्र भी हिंसा की पूर्व सूचना देने में विफल रहा। मैक्रों ने नुनेज को हिंसा के दौरान हुई चूकों पर पारदर्शिता बरतने का निर्देश भी दिया है।


प्रसिद्ध फुटबॉल क्लब मार्से ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि लूटपाट करने वालों ने ला कैनबिएरे में उनके आधिकारिक स्टोर को काफी नुकसान पहुंचाया है, जिसके कारण स्टोर को फिलहाल बंद कर दिया गया है। लिले के सिटी सेंटर स्टोर को भी भारी नुकसान हुआ है।


ईरान और इजरायल के बीच तीखी बयानबाजी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि फ्रांस की जनता बड़े स्तर पर बदलाव की मांग कर रही है और मैक्रों ने यह स्थिति खुद उत्पन्न की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मैक्रों ने अमेरिकी राष्ट्रपति को आश्वासन दिया था कि उन्हें ईरानियों के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर कोई आपत्ति नहीं है। अराघची के अनुसार, ऐसे राष्ट्रपति को अब फ्रांस के भविष्य की आवाज सुननी होगी। इस बयान पर इजरायल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। इजरायली विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा कि जो सरकार अपने देश में प्रदर्शनकारियों को फांसी देती है, वही अब पेरिस को प्रदर्शन की आजादी पर ज्ञान दे रही है। उन्होंने ईरान पर फ्रांस के प्रदर्शनों का समर्थन करने का आरोप भी लगाया।