☰
×

फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों का उबाल: सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था

फ्रांस में स्कूल सुधारों और महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं, जिसके चलते सरकार ने सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 70,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। गृह मंत्री ने हिंसा के खिलाफ सख्त संदेश दिया है, जबकि पेरिस और ऑरलियन्स में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। छात्रों और कर्मचारियों की मांगों को लेकर यह आंदोलन अब एक राष्ट्रीय स्तर पर फैल चुका है। क्या यह राष्ट्रपति मैक्रों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित होगा? जानें पूरी कहानी में।
 

फ्रांस में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों की स्थिति


नई दिल्ली: फ्रांस में स्कूल सुधारों और महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन एक बार फिर से जोर पकड़ रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने लगभग 70,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। पिछले सप्ताहांत में हुए प्रदर्शनों में लूटपाट, आगजनी और सरकारी इमारतों पर हमलों की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।


सरकार का कड़ा संदेश

गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज ने बताया कि सुरक्षा उपायों में विशेष पुलिस इकाइयां, हेलीकॉप्टर, बख्तरबंद वाहन, पुलिस कुत्ते और पानी की बौछार करने वाले उपकरण शामिल हैं। पेरिस में आतंकवाद रोधी गश्त करने वाले सैनिकों की संख्या भी बढ़ाई गई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हिंसा करने वालों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।


शनिवार को पेरिस में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन की योजना बनाई गई है, जिसे फ्रांस की प्रमुख छात्र संघ UNEF और ट्रेड यूनियन CGT ने बुलाया है। फ्रांसीसी मीडिया के अनुसार, इस प्रदर्शन में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।


ऑरलियन्स में फार-राइट के खिलाफ प्रदर्शन

इस बीच, शनिवार को पेरिस के दक्षिण में ऑरलियन्स शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतरे। यह प्रदर्शन फार-राइट के खिलाफ था, क्योंकि इसी दौरान मरीन ले पेन की पार्टी नेशनल रैली अपना दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित कर रही थी। यह आंदोलन पिछले महीने पेरिस के दक्षिण-पूर्व में एक स्कूल में कर्मचारियों की कमी के विरोध से शुरू हुआ था, जो अब एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल चुका है। छात्र बेहतर स्कूल, अधिक फंड और शिक्षकों की कमी को दूर करने की मांग कर रहे हैं, जबकि कर्मचारी वेतन और पेंशन में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। यह प्रदर्शन राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के कार्यकाल के अंतिम महीनों में एक बड़ी चुनौती बन गया है।


हिंसा और गिरफ्तारियों के बीच सरकार सतर्क

फ्रांस में शिक्षा व्यवस्था की खराब स्थिति और शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों में असंतोष बढ़ रहा है। कई स्थानों पर प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ झड़पें और हिंसा भी हुई हैं। अकेले पेरिस में 800 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सरकार लाखों लोगों के प्रदर्शन को देखते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क है।