फ्लाईदुबई की उड़ान पर चाकूबाजी: अमेरिकी प्रशासन में विरोधाभास
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 पर हमले की जांच
फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में हुई चाकूबाजी और संभावित विमान क्रैश की साजिश के पीछे के कारणों को लेकर अमेरिकी प्रशासन में मतभेद उभर रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन्हें लगता है कि 30 सितंबर को हुई इस 'आतंकी' घटना का संबंध ईरान से है। हालांकि, उनका यह बयान उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के उस बयान के विपरीत है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की संलिप्तता का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
ट्रंप का ईरान पर आरोप
जब ट्रंप एयर फ़ोर्स वन में सवार हो रहे थे, तब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें लगता है कि ईरान इस घटना में शामिल था। ट्रंप ने उत्तर दिया, "हाँ, मुझे ऐसा लगता है।"
वेंस की अलग राय
हालांकि, जब वेंस से इस मामले पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि वह इसे CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ़ और अन्य इंटेलिजेंस अधिकारियों पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा, "मैं कुछ नहीं कहना चाहता, लेकिन हम इस पर गौर कर रहे हैं।"
जांच की प्रगति
इज़राइल, UAE और सऊदी अरब के अधिकारियों ने इस घटना को आतंकी हमला माना है। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या अल-हम्मामी ने अकेले यह कार्य किया या वह किसी बड़े आतंकी साजिश का हिस्सा था। NBC न्यूज़ के अनुसार, अधिकारियों का मानना है कि ओमान का को-पायलट अकेले ही इस घटना में शामिल था।
हमले की योजना
UAE के अटॉर्नी जनरल ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि अल-हम्मामी ने आतंकवादी हमले की योजना बनाई थी। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी ने तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर विमान को क्रैश करने की योजना बनाई थी।
बड़ी दुर्घटना से बचाव
भारतीय नागरिक कैप्टन मच्छर ने घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाज़ा खोलने में सफलता पाई, जिससे यात्रियों ने अल-हम्मामी पर काबू पाया। इसके बाद, फ्लाईदुबई के दो पायलटों ने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लिया और उसे सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक में उतारा।
जांच जारी
हमले की जांच अभी भी चल रही है और अधिकारियों ने स्पष्ट नहीं किया है कि अल-हम्मामी ने अकेले यह कार्य किया या किसी संगठन या विदेशी देश से उसका कोई संबंध था।