फ्लाईदुबई की उड़ान में खतरनाक हमला: इजरायल ने लड़ाकू विमानों को किया था तैयार
नई दिल्ली में हुआ बड़ा खुलासा
नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव की ओर उड़ान भरने वाली फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के बारे में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, जब विमान ने इमरजेंसी ट्रांसपोंडर कोड 7500 जारी किया, तब इजरायल ने इसे एक संभावित खतरे के रूप में लिया और अपने लड़ाकू विमानों को तैयार कर दिया। यह कोड तब इस्तेमाल किया जाता है जब विमान में अवैध हस्तक्षेप या हाईजैकिंग का संदेह होता है।
इजरायली वायुसेना की तत्परता
इजरायली सूत्रों के अनुसार, जब विमान अचानक तेजी से नीचे आया, तो वायुसेना ने कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद, स्थिति की निगरानी के लिए एक कमांड सेंटर स्थापित किया गया और इजरायली एयरस्पेस को अलर्ट किया गया। इसी दौरान, फाइटर जेट्स को विमान की ओर रवाना किया गया।
सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग
रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि विमान इजरायल की दिशा में बढ़ता रहता और कॉकपिट से संपर्क नहीं हो पाता, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। ऐसी स्थिति में सैन्य कार्रवाई पर विचार किया जा सकता था। हालांकि, जब फ्लाइट ने सऊदी अरब की ओर मोड़ लिया, तो इजरायल ने अपने फाइटर जेट्स को वापस बुला लिया। विमान ने बाद में तबुक में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग की।
कॉकपिट में हुआ खतरनाक हमला
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की इस उड़ान में ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आया और कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई खो दी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता प्राप्त की। इसके बाद, यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। अन्य पायलटों ने नियंत्रण संभाला और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक पहुंचाया।
प्रधानमंत्री नेतन्याहू की सराहना
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस घटना को गंभीर सुरक्षा खतरा बताते हुए कैप्टन मच्छार और यात्रियों की बहादुरी की सराहना की। इस मामले की जांच अभी भी जारी है और अधिकारियों की नजर हमले के पीछे के मकसद पर है।