फ्लाईदुबई की उड़ान में सह-पायलट की खतरनाक हरकतें: क्या थी साजिश?
नई दिल्ली में फ्लाईदुबई की उड़ान पर गंभीर आरोप
नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की एक उड़ान में हुई घटना के बारे में एक नया और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर उनके ओमानी सह-पायलट हमाम अल-हमामी द्वारा हमले का आरोप लगाया गया है। एक इतालवी समाचार पत्र की जांच के अनुसार, तेल अवीव में विमान को गिराने की असफल कोशिश के बाद सह-पायलट ने इसे सऊदी अरब के रेगिस्तान में क्रैश करने का प्रयास किया। 'कोरिएरे डेला सेरा' की रिपोर्ट के अनुसार, हमामी ने कैप्टन मच्छार पर कथित तौर पर कई बार हमला किया।
इसके बाद, उसने विमान का नियंत्रण अपने हाथ में लेने की कोशिश की। हालांकि, कैप्टन मच्छार ने एक स्विच सक्रिय किया, जिससे कॉकपिट का दरवाजा खुल गया और यात्रियों को अंदर आने का मौका मिला। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान ऑटोपायलट बंद कर दिया गया और विमान तेजी से नीचे की ओर मोड़ दिया गया। लगभग एक मिनट में विमान की ऊंचाई 16,000 फीट तक गिर गई। जांचकर्ताओं को संदेह है कि यह सऊदी रेगिस्तान में गिराने की कोशिश हो सकती थी।
क्या सह-पायलट ने ईंधन सप्लाई भी काटी?
क्या इंजन की ईंधन सप्लाई भी काटी गई?
जांच में एक और गंभीर संभावना सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सह-पायलट ने विमान के इंजनों तक पहुंचने वाली ईंधन सप्लाई बंद करने का प्रयास किया। दो बोइंग 737 कैप्टन ने उड़ान के दौरान अचानक केबिन की इमरजेंसी लाइटों के जलने पर ध्यान दिया, जो सामान्य नहीं है।
जांच में सबूतों की गहन पड़ताल
जांच में कई सबूतों की हो रही पड़ताल
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर विमान के इंजन या जनरेटर बंद हो जाएं, तो मुख्य बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसी कारण से जांचकर्ता यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या फ्यूल कंट्रोल स्विच को 'रन' से 'कटऑफ' की स्थिति में किया गया था। यात्रियों के बयान, क्रू की रिपोर्ट, एयरपोर्ट कर्मचारियों और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से मिली जानकारी के साथ उड़ान के दौरान बनाए गए वीडियो और अन्य डेटा का भी विश्लेषण किया जा रहा है।
इस बीच, हमामी के कथित बयान ने मामले को और गंभीर बना दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, उसने इजरायल में विमान गिराने की इच्छा जताई और कहा कि उसे मौत का डर नहीं था। यूएई अधिकारियों ने इस घटना को संभावित आतंकी कार्रवाई से जोड़ा है।