बलूचिस्तान की आजादी की मांग: मीर यार बलोच का पाकिस्तान पर कड़ा हमला
पाकिस्तान के खिलाफ मीर यार बलोच का बयान
नई दिल्ली: बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की मांग करने वाले नेता मीर यार बलोच ने पाकिस्तान के खिलाफ एक बार फिर से तीखा बयान जारी किया है। उन्होंने पाकिस्तान से अनुरोध किया है कि वह बलूचिस्तान से अपनी सेना और अन्य सुरक्षा बलों को वापस बुलाए। इसके साथ ही, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी जाए।
पाकिस्तानी सेना पर आरोप
मीर यार बलोच ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने बयान में पाकिस्तान की सेना पर बलूचिस्तान में अवैध रूप से मौजूद रहने और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, इस सैन्य उपस्थिति के कारण स्थानीय लोगों के जीवन, संपत्ति और व्यवसाय को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
सेना की वापसी की मांग
उन्होंने पाकिस्तानी सेना से बलूचिस्तान छोड़ने की एक समयसीमा निर्धारित करने का आग्रह किया। मीर यार बलोच ने कहा कि क्षेत्र के निवासियों के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बल एक आक्रामक शक्ति के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी मांग की कि सेना की वापसी के दौरान उसके सैन्य उपकरण बलूचिस्तान में ही रह जाएं, जिसमें टैंक, हेलिकॉप्टर, भारी तोपखाना, युद्धपोत और अन्य सैन्य संसाधन शामिल हैं।
इतिहास का संदर्भ
मीर यार बलोच ने अपने बयान में भारत की स्वतंत्रता और 1971 के बांग्लादेश युद्ध का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार ब्रिटेन ने भारत छोड़ा और पाकिस्तान ने बांग्लादेश से अपनी सेना वापस ली, उसी तरह पाकिस्तान को भी बलूचिस्तान से अपनी सेना को वापस बुलाने की घोषणा करनी चाहिए।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तान बलूचिस्तान में संघर्ष हार चुका है, हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं पेश किया गया। इसके साथ ही, उन्होंने पाकिस्तानी सेना पर बलूचिस्तान में व्यापक हिंसा करने का आरोप लगाया।
अंतरराष्ट्रीय मान्यता की अपील
मीर यार बलोच ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की मांग की है। उन्होंने पाकिस्तानी सेना, फ्रंटियर कोर, पुलिस और अन्य संस्थानों में कार्यरत गैर-बलोच नागरिकों से भी क्षेत्र छोड़ने की अपील की। उन्होंने पाकिस्तान से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को स्वीकार करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह कदम पाकिस्तान के लिए भी फायदेमंद होगा।