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बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता का इजरायल को पत्र: पाकिस्तान पर गंभीर आरोप

बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने इजरायल के विदेश मंत्री को पत्र लिखकर पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान हमास जैसे चरमपंथी संगठनों को समर्थन दे रहा है और ईरान के साथ उसकी सांठगांठ क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है। इस पत्र के बाद इजरायल में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ सकता है। क्या नेतन्याहू इस पर कोई कार्रवाई करेंगे? यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
 

इजरायल के विदेश मंत्री को पत्र


नई दिल्ली: हाल ही में बलोच मानवाधिकार कार्यकर्ता मीर यार बलोच ने इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि वह हमास जैसे चरमपंथी संगठनों को राजनीतिक, वैचारिक और कार्यात्मक समर्थन प्रदान कर रहा है।


पत्र में पाकिस्तान की ईरान के साथ सांठगांठ

यह पत्र नए साल 2026 की शुरुआत में लिखा गया था, जिसमें पाकिस्तान की ईरान के साथ सांठगांठ को भी खतरनाक बताया गया है। इस बयान से इजरायल में हलचल मच सकती है, क्योंकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू हमास के खिलाफ कड़ा रुख अपनाए हुए हैं।


बलोच नेता के दावे

मीर यार बलोच ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि पाकिस्तान लंबे समय से हमास जैसे संगठनों को सहायता पहुंचा रहा है, जिसे वे इजरायल की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की ईरान के साथ गठजोड़ क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचा रहा है।


बलोच नेता का मानना है कि बलोचिस्तान की आजादी से पाकिस्तान की आतंकवाद फैलाने की क्षमता में कमी आएगी, जो इजरायल और वैश्विक सुरक्षा के लिए फायदेमंद होगा। पत्र बलोचिस्तान गणराज्य की ओर से लिखा गया है, जहां मीर यार बलोच खुद को प्रतिनिधि बताते हैं। उन्होंने इजरायल के लोगों को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं और शांति की कामना की।


नेतन्याहू का हमास के खिलाफ कड़ा रुख

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कई बार स्पष्ट किया है कि उनका मुख्य लक्ष्य हमास का पूरी तरह खात्मा करना है। वे इसे ईरान समर्थित नेटवर्क का हिस्सा मानते हैं। यदि पाकिस्तान के हमास से संबंधों के दावे सही साबित होते हैं, तो यह इजरायल के लिए एक नई चुनौती बन सकता है।


नेतन्याहू ने पहले चेतावनी दी है कि हमास को सहायता देने वाले किसी भी देश या संगठन को बख्शा नहीं जाएगा। इजरायल हमास के खिलाफ गाजा में बड़ा अभियान चला रहा है और क्षेत्र में अपने दुश्मनों पर कड़ी नजर रखे हुए है।


इजरायल की संभावित प्रतिक्रिया

इस पत्र के आने के बाद इजरायल में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा बढ़ सकता है। हालांकि, दोनों देशों के बीच सीधे संबंध नहीं हैं और पाकिस्तान इजरायल को मान्यता नहीं देता। फिर भी, यदि पाकिस्तान हमास की मदद करता पाया जाता है, तो नेतन्याहू कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं।


बलोच नेता के इस बयान से दुनिया की नजर पाकिस्तान पर टिक गई है। आने वाले दिनों में इजरायल की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। यह मामला न केवल इजरायल-पाकिस्तान बल्कि पूरे क्षेत्र की शांति से भी जुड़ा है।