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बांग्लादेश का ऊर्जा संकट: भारत से डीजल की मांग, ग्रामीण क्षेत्रों में 10 घंटे तक बिजली कटौती

बांग्लादेश इस समय एक गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसमें देशभर में घंटों बिजली कटौती हो रही है। सरकार ने दुकानों और मॉल को रात 8 बजे बंद करने का आदेश दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की कमी 10 घंटे तक पहुंच गई है, जिससे किसान और छोटे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। बांग्लादेश ने इस संकट से निपटने के लिए भारत से अतिरिक्त डीजल की मांग की है। जानें इस संकट की असली वजह और लोगों की नाराजगी के बारे में।
 

बांग्लादेश में गंभीर ऊर्जा संकट


नई दिल्ली: बांग्लादेश इस समय अपने इतिहास के सबसे बड़े ऊर्जा संकटों में से एक का सामना कर रहा है। देशभर में बिजली की कटौती घंटों तक हो रही है, जिसके चलते सरकार ने दुकानों और मॉल को रात 8 बजे बंद करने का निर्देश दिया है। इस संकट का असर व्यापार, कृषि और उद्योग पर भी पड़ा है। इस स्थिति से निपटने के लिए बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल की मांग की है।


ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की गंभीर कमी

स्थानीय समाचारों के अनुसार, ढाका के बाहर के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति सबसे खराब है, जहां बिजली की कटौती 8 से 10 घंटे तक हो रही है। भीषण गर्मी और हीटवेव ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है। आंकड़ों के अनुसार, बांग्लादेश में बिजली की मांग लगभग 18,000 मेगावाट है, जबकि आपूर्ति केवल 13,000 मेगावाट हो पा रही है। इसका मतलब है कि हर दिन लगभग 5,000 मेगावाट की कमी हो रही है। ढाका में बिजली की आपूर्ति अभी भी जरूरत के अनुसार हो रही है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में 80 सहकारी कंपनियों द्वारा सप्लाई की जा रही है, जहां सबसे अधिक कटौती हो रही है।


बिजली विभाग पर बढ़ता गुस्सा

लंबी बिजली कटौती के कारण लोगों का गुस्सा बिजली विभाग पर फूट रहा है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, कुछ क्षेत्रों में लोगों ने ग्रिड और सब-स्टेशन पर हमले किए हैं। इस स्थिति के कारण बांग्लादेश पल्ली बिद्युत एसोसिएशन को अपने ग्रिड, सब-स्टेशन और कार्यालयों की सुरक्षा के लिए पुलिस की मदद लेनी पड़ी है।


सैदपुर, नीलफमारी और कुश्तिया में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। नेत्रकोना में बिजली बिल वसूलने गए अधिकारियों को धमकी भरे कॉल मिल रहे हैं। डेली स्टार के अनुसार, कार्यालयों में तोड़फोड़ की धमकी भी दी जा रही है, जिसके चलते पुलिस से रात में गश्त बढ़ाने का अनुरोध किया गया है।


संकट के पीछे की वजहें

बांग्लादेश अपने तेल का 90 प्रतिशत और गैस का 30 प्रतिशत आयात करता है। मौजूदा संकट की दो मुख्य वजहें हैं। पहली, पिछले महीने अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में आग लग गई थी, जिसके कारण टर्मिनल बंद हो गया और LNG सप्लाई आधी रह गई।


इस हफ्ते आंशिक रूप से काम शुरू हुआ है। दूसरी वजह यह है कि समुद्र में खराब मौसम के कारण कम से कम दो LNG जहाज अपने माल को टर्मिनल पर नहीं उतार पाए। इसके अलावा, बाहरी बिजली की सप्लाई भी कम हो गई है।


भारत से सहायता की मांग

इन कठिनाइयों के बीच, बांग्लादेश ने भारत से अतिरिक्त डीजल की मांग की है ताकि पावर प्लांट्स को चलाया जा सके। देश में छह डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियां बिजली की सप्लाई करती हैं। सरकार ने बिजली की बचत के लिए शॉपिंग मॉल, दुकानों और बाजारों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। हालांकि, किसान और छोटे उद्योग इस कटौती से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।