बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की बेटी जैमा रहमान की UN में नियुक्ति पर उठे सवाल
संयुक्त राष्ट्र में विवादित नियुक्ति
नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संगठन में एक नियुक्ति ने विवाद को जन्म दिया है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की बेटी, जैमा रहमान, को संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के कार्यालय में कानूनी अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति शुरू से ही सवालों के घेरे में है, क्योंकि इस पद के लिए कोई वैकेंसी विज्ञापन जारी नहीं किया गया था।
खलीलुर रहमान पर सवाल
इस मामले में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान पर सबसे अधिक सवाल उठ रहे हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने जैमा को यह पद दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए। संयुक्त राष्ट्र महासभा अध्यक्ष के कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जैमा का नाम 'लीगल ऑफिसर बांग्लादेश' के रूप में दर्ज है। यह कार्यालय खलीलुर रहमान के नेतृत्व में कार्यरत है, जो पूर्व राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र के अनुभवी अधिकारी रहे हैं।
जैमा का करियर
नॉर्थ ईस्ट न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जैमा रहमान ने यूके से कानून की पढ़ाई की है, लेकिन उनका करियर किसी भी कानूनी संस्था में एक साल से अधिक नहीं चला। उन्होंने कई कानूनी फर्मों में काम किया, जिनमें स्ट्रैंड चैंबर्स में पांच महीने, न्यूक्लियस लीगल एडवाइस सेंटर में लगभग 10 महीने और अन्य फर्मों में 12-12 महीने का कार्यकाल शामिल है।
नियुक्ति पर उठते सवाल
चूंकि जैमा ने यूके की किसी भी फर्म में एक साल से अधिक समय नहीं बिताया, उनकी इतनी जल्दी एक उच्च-स्तरीय अंतरराष्ट्रीय राजनयिक पद पर नियुक्ति ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग जानना चाहते हैं कि यह नियुक्ति किसने और कैसे करवाई। इस संदर्भ में खलीलुर रहमान का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय और न्यूयॉर्क स्थित UN में देश के स्थायी मिशन की भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका रही होगी।
राजनीतिक संबंधों का लाभ
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की बेटी होने के नाते, जैमा के पास पहले से ही एक विशेष राजनीतिक ताकत है। संयुक्त राष्ट्र जैसे बहुपरकारी संस्थानों में नियुक्तियां अक्सर सदस्य देशों की सिफारिशों, प्रतिनियुक्तियों या राजनीतिक समर्थन पर निर्भर करती हैं। कई राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विदेश मंत्रालय ने उनकी नियुक्ति को बांग्लादेश के राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में पेश किया, ताकि उनके सीमित कार्य अनुभव के बावजूद उनका बायोडाटा प्रभावशाली लगे।
जैमा को अंतरराष्ट्रीय कानूनी और राजनीतिक क्षेत्र में अपने पारिवारिक संबंधों का भी लाभ मिल रहा है। उनकी बुआ आइरीन खान, एमनेस्टी इंटरनेशनल की पूर्व महासचिव रह चुकी हैं। इसके अलावा, जैमा हाल ही में कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय राजनयिक कार्यक्रमों में भी शामिल हुई हैं, जिनमें वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेयर ब्रेकफास्ट में अपने प्रधानमंत्री पिता का प्रतिनिधित्व करना भी शामिल है।