बांग्लादेश में सेना के फायरिंग अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा: दो सैनिकों की मौत
चटगांव में सेना का फायरिंग अभ्यास
नई दिल्ली: बांग्लादेश के चटगांव में एक सैन्य फायरिंग अभ्यास के दौरान एक गंभीर घटना घटित हुई। हाटहजारी फील्ड फायरिंग रेंज में टैंक से फायरिंग करते समय दो सैनिकों की जान चली गई, जबकि एक सैन्य अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अधिकारी को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई और बेहतर इलाज के लिए हेलिकॉप्टर से ढाका भेजा जा रहा है।
घायल अधिकारी की स्थिति चिंताजनक
सेना के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब नियमित सैन्य अभ्यास चल रहा था। टैंक से गोला-बारूद दागा जा रहा था, तभी अचानक यह हादसा हो गया। मौके पर मौजूद जवानों और अधिकारियों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।
घायल अधिकारी की हालत गंभीर
हादसे में घायल अधिकारी की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। उन्हें विशेष चिकित्सा सुविधा के लिए ढाका के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल ले जाने की तैयारी की गई है। सेना ने अभी तक अधिकारी की पहचान और उनकी चोटों की प्रकृति के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है। मृत सैनिकों की पहचान भी अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। सेना ने उनके परिवारों को सूचित करने और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
हादसे की जांच का आदेश
Bangladesh Army’s Chinese-origin Type 59 tank reportedly exploded during a firing exercise, killing 2 crew members and injuring an officer.
— Shadow IND (@ShadowIND_IN) September 9, 2026
Made in China. Used in Bangladesh. Deadly outcome. pic.twitter.com/Gn0FRx5ul4
बांग्लादेश सेना ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि फायरिंग अभ्यास के दौरान यह दुर्घटना क्यों हुई। फिलहाल, सेना ने किसी तकनीकी खराबी या मानव त्रुटि की पुष्टि नहीं की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि घटना के समय टैंक में किस प्रकार का गोला-बारूद इस्तेमाल किया जा रहा था। इसलिए जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना मुश्किल है।
फायरिंग अभ्यास का महत्व
नियमित ट्रेनिंग के दौरान हुआ हादसा
फील्ड फायरिंग अभ्यास सैन्य प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इस दौरान सैनिकों को हथियारों, सैन्य वाहनों और अन्य उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। ऐसे अभ्यासों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल भी निर्धारित होते हैं। फिलहाल, सेना की जांच जारी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फायरिंग के दौरान किस परिस्थिति में हादसा हुआ और इसके लिए कौन जिम्मेदार था।