बांग्लादेश में सेना में बड़े फेरबदल से सत्ता संतुलन पर असर
बांग्लादेश सरकार का नया कदम
तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार ने एक सप्ताह के भीतर सेना में दूसरी बार महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, जो यह दर्शाता है कि वे सत्ता और सुरक्षा ढांचे में किसी भी बाहरी प्रभाव को स्वीकार नहीं करेंगे। पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के कार्यकाल में पाकिस्तान समर्थक अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर रखा गया था, लेकिन नए प्रधानमंत्री अब उन अधिकारियों को हटाने का कार्य कर रहे हैं। हालिया तबादलों में ऐसे उच्च स्तरीय अधिकारी भी शामिल हैं जिनकी भूमिका पर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं।
सेना में बदलाव का उद्देश्य
बांग्लादेश सरकार द्वारा किए गए इस फेरबदल में वे अधिकारी शामिल हैं जो पाकिस्तान और जमात समर्थक गतिविधियों के लिए आलोचना का सामना कर रहे थे। कुछ पर यह आरोप भी था कि वे सेना प्रमुख वेकर उज जमान पर पूर्व सरकार के समर्थन से दबाव बना रहे थे। सूत्रों के अनुसार, इस कदम से सेना प्रमुख की स्थिति मजबूत हुई है। यह बदलाव केवल सेना तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रशासनिक ढांचे में भी व्यापक परिवर्तन हो रहे हैं।
प्रशासनिक बदलाव और प्रभाव
सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई से सेना के भीतर पुराने जमात समर्थक और पाकिस्तान समर्थक अधिकारियों की श्रृंखला टूट गई है। अन्य सेवाओं में भी विपक्षी जमात-ए-इस्लामी से निकटता रखने वाले कई अधिकारियों को हटाया गया है, जिनमें अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोजक ताजुल इस्लाम का नाम प्रमुख है।
सैन्य और राजनीतिक संबंध
सेना प्रमुख वेकर उज जमान को हालिया आम चुनावों में सशस्त्र बलों के समर्थन का श्रेय दिया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में अपनी सरकार के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान सैन्य हेलिकॉप्टर से भारत चली गई थीं। वेकर उज जमान को उनके रिश्तेदार भी बताया जाता है, जिससे सेना के भीतर शक्ति संतुलन का प्रश्न और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
फेरबदल के सामरिक निहितार्थ
बांग्लादेश में हालिया फेरबदल के सामरिक निहितार्थ गहरे हैं। किसी भी देश की सुरक्षा नीति में सेना प्रमुख की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यदि शीर्ष स्तर पर मतभेद या वैचारिक विभाजन हो, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित कर सकता है। इस फेरबदल से नेतृत्व के प्रति निष्ठा सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति इसे दक्षिण एशिया में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बनाती है।
भविष्य की संभावनाएं
विश्लेषकों का मानना है कि यह फेरबदल बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति, नागरिक-सैन्य संबंधों और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य को नई दिशा दे सकता है। यह स्पष्ट है कि ढाका में सत्ता के केंद्र में बैठी सरकार सेना के भीतर अपने विश्वासपात्र नेतृत्व को स्थापित कर स्थायित्व और नियंत्रण सुनिश्चित करना चाहती है।