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बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमले: खोकोन दास की दर्दनाक घटना

बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में खोकोन दास पर हुए हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिछले 15 दिनों में यह चौथी घटना है, जिसमें हिंदू समुदाय के लोग निशाना बने हैं। मानवाधिकार संगठनों ने इन घटनाओं पर चिंता जताई है और सरकार से ठोस कार्रवाई की मांग की है। जानें इस गंभीर मुद्दे के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमलों की बढ़ती घटनाएं


बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में, 31 दिसंबर की रात को शरियतपुर जिले में 50 वर्षीय खोकोन दास पर एक उग्र भीड़ ने हमला किया। उन्हें पहले धारदार हथियार से गंभीर रूप से घायल किया गया और फिर आग के हवाले कर दिया गया। इस हमले के कारण खोकोन दास की स्थिति गंभीर बनी हुई है।


घर लौटते समय खोकोन दास पर हमला

सूत्रों के अनुसार, खोकोन दास जब अपने घर की ओर लौट रहे थे, तभी कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया। भीड़ ने बिना किसी कारण के उन पर हमला किया, जिससे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। स्थानीय निवासी भयभीत हैं और अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा का वातावरण व्याप्त है।


पिछले 15 दिनों में चार हिंदू समुदाय के लोग निशाना बने

यह घटना पिछले 15 दिनों में हिंदू समुदाय के खिलाफ चौथी बड़ी घटना है। इससे पहले, 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की हत्या की गई थी। 24 दिसंबर को अमृत मंडल को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था। हाल ही में बजेंद्र विश्वास को गोली मारी गई थी। अब खोकोन दास पर हमले की कोशिश की गई।


दीपू चंद्र दास की हत्या से मचा हड़कंप

मयमनसिंह जिले के भालुका क्षेत्र में 27 वर्षीय दीपू चंद्र दास को ईशनिंदा के झूठे आरोप में भीड़ ने मार डाला था। अफवाह फैलाकर सैकड़ों लोगों ने उन्हें घेर लिया, बेरहमी से पीटा और फिर पेड़ से बांधकर आग लगा दी। यह घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी।


अमृत मंडल की मॉब लिंचिंग

दीपू की हत्या के एक हफ्ते बाद, राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल को भीड़ ने डाकू समझकर पकड़ लिया। उसके दोस्तों के सामने ही उसे पीटा गया और अस्पताल में उसकी मौत हो गई।


मानवाधिकार संगठनों की चिंता

ह्यूमन राइट्स कांग्रेस फॉर बांग्लादेश माइनॉरिटीज (HRCBM) ने इन घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के अनुसार, हाल के महीनों में कई जिलों में हिंदू परिवारों के घरों पर हमले, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं हुई हैं।


सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

लगातार हो रहे हमलों ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठन और पीड़ित परिवार अब सरकार से ठोस कार्रवाई और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।