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बांग्लादेश में हिंदू व्यापारी की हत्या: क्या है इसके पीछे का सच?

गाजीपुर, बांग्लादेश में एक हिंदू व्यापारी की हत्या ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की चिंता को और बढ़ा दिया है। लिटन चंद्र घोष की हत्या के बाद, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना पिछले 24 घंटों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई दूसरी हत्या है। जानें इस हिंसा के पीछे के कारण और भारत की प्रतिक्रिया।
 

गाजीपुर में हुई हिंसा की घटना


बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के बीच, शनिवार को गाजीपुर जिले में एक हिंदू व्यापारी की निर्मम हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान लिटन चंद्र घोष के रूप में हुई है, जो बोइशाखी स्वीटमीट एंड होटल के मालिक थे।


घोष पर फावड़े से हमला

सुबह लगभग 11 बजे, गाजीपुर के कालीगंज क्षेत्र में कुछ व्यक्तियों ने घोष पर हमला किया। 55 वर्षीय घोष को स्थानीय लोग 'काली' के नाम से जानते थे। उन पर फावड़े से हमला किया गया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।


पिछले 24 घंटों में दूसरी हत्या

यह घटना पिछले 24 घंटों में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई दूसरी हिंसक हत्या है। शुक्रवार को राजबारी जिले में एक अन्य हिंदू व्यक्ति की भी हत्या हुई, जब उसने बिना भुगतान किए पेट्रोल पंप से भागने वाले वाहन को रोकने का प्रयास किया। मृतक की पहचान रिपन साहा (30) के रूप में हुई है, जो करीम फिलिंग स्टेशन पर काम करते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक काली एसयूवी ने लगभग 5,000 रुपये का ईंधन लिया और बिना भुगतान किए भागने की कोशिश की। साहा ने वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन उसे कुचल दिया गया।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने एसयूवी को जब्त कर लिया है और इसके मालिक अबुल हाशेम (55) और ड्राइवर कमाल हुसैन (43) को गिरफ्तार किया गया है। राजबारी सदर पुलिस प्रमुख खोंडाकर जियाउर रहमान ने बताया कि हत्या का मामला दर्ज किया गया है।


विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का कहना है कि कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ लक्षित हमलों में वृद्धि हुई है। देश में हिंदुओं की जनसंख्या लगभग 7.95 प्रतिशत (लगभग 13.13 मिलियन) है। बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद (BHBCUC) ने आरोप लगाया है कि 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनाव से पहले सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले साल दिसंबर में 51 ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं, जिनका उद्देश्य अल्पसंख्यकों को मतदान से रोकना था।


भारत की चिंता

भारत ने इन लक्षित हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है और बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और हिंसा में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।