बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य: क्या है इसकी वैश्विक महत्वता और खतरे?
मध्य पूर्व में समुद्री तनाव की स्थिति
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच समुद्री मार्गों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप होर्मुज जलडमरूमध्य को खुलवाने और ईरान की सैन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहे हैं। इसी बीच, बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य भी वैश्विक चिंता का विषय बन गया है। इसे खतरनाक समुद्री परिस्थितियों के कारण 'आंसुओं का द्वार' कहा जाता है और यह संघर्ष का नया संवेदनशील बिंदु बनता जा रहा है।
हमलों के बाद बिगड़ती स्थिति
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई। ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य की गतिविधियाँ लगभग ठप हो गईं। यह मार्ग विश्व की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस आपूर्ति का माध्यम है। ईरान ने चेतावनी दी है कि इस जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है। ईरान की भौगोलिक स्थिति उसे इस जलडमरूमध्य पर नियंत्रण प्रदान करती है, जिससे वह जहाजों की निगरानी और हमले की रणनीति में बढ़त हासिल करता है।
हूथी विद्रोहियों की धमकी
इस बीच, ईरान समर्थित यमन के हूथी विद्रोहियों ने बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को बाधित करने की धमकी दी है। यह मार्ग वैश्विक व्यापार के लगभग 12 प्रतिशत हिस्से के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। हूथी समूह पहले भी लाल सागर और अदन की खाड़ी में जहाजों को निशाना बना चुका है, और उनका दावा है कि वे इजरायल से जुड़े जहाजों को निशाना बनाते हैं, विशेषकर गाजा युद्ध के बाद उनकी गतिविधियाँ बढ़ी हैं।
बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य का महत्व
भौगोलिक दृष्टि से, बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य यमन, जिबूती और इरिट्रिया के बीच स्थित है, जो लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है। इस मार्ग का महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह जहाजों की यात्रा की दूरी को काफी कम कर देता है। उदाहरण के लिए, सऊदी अरब से यूरोप जाने वाले जहाजों को इस रास्ते से हजारों किलोमीटर की दूरी बचती है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूथी विद्रोही इस मार्ग को गंभीरता से प्रभावित करते हैं, तो वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर बड़ा असर पड़ सकता है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार, हर दिन लाखों बैरल तेल इस मार्ग से गुजरते हैं। हालांकि बाब अल-मंडाब को पूरी तरह बंद करना आसान नहीं है, लेकिन लगातार हमलों का खतरा शिपिंग कंपनियों के लिए एक बड़ा जोखिम बन सकता है।
बीमा लागत में वृद्धि और सुरक्षा चिंताओं के कारण कंपनियाँ वैकल्पिक मार्ग चुनने पर मजबूर हो सकती हैं, जिससे समय और खर्च दोनों में वृद्धि होगी। यदि होर्मुज और बाब अल-मंडाब दोनों ही मार्ग प्रभावित होते हैं, तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर और भी गंभीर हो सकता है।