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बीबीसी में 2,000 नौकरियों की कटौती की योजना, कर्मचारियों में चिंता

बीबीसी ने अपने कर्मचारियों को सूचित किया है कि वह 2,000 नौकरियों की कटौती करने की योजना बना रहा है। यह निर्णय कंपनी के वार्षिक बजट में 10 प्रतिशत की बचत के उद्देश्य से लिया गया है। कार्यकारी निदेशक ने इस कदम के पीछे के कारणों में महंगाई और वैश्विक आर्थिक अस्थिरता का उल्लेख किया है। कर्मचारियों में इस फैसले को लेकर चिंता बढ़ गई है, क्योंकि यह पिछले एक दशक में कंपनी की सबसे बड़ी कटौती मानी जा रही है।
 

बीबीसी में नौकरी पर संकट

बीबीसी में कार्यरत कर्मचारियों के लिए चिंताजनक खबर आई है। कंपनी ने हाल ही में घोषणा की है कि वह 2,000 नौकरियों को समाप्त करने की योजना बना रही है। यह जानकारी कंपनी ने बुधवार को एक आधिकारिक बयान में दी। बीबीसी का कहना है कि यह कदम अगले दो वर्षों में अपने वार्षिक बजट का लगभग 10 प्रतिशत बचाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।


बजट में कटौती का उद्देश्य

कंपनी के बयान में बताया गया है कि बीबीसी लगभग 50 करोड़ पाउंड, यानी 6,000 करोड़ रुपये से अधिक बचाने की योजना बना रही है। इस योजना के तहत 2,000 कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी। यह निर्णय कर्मचारियों के लिए एक बड़ा झटका है और इसे हाल के वर्षों में कंपनी द्वारा की गई सबसे बड़ी कटौती माना जा रहा है।


आधिकारिक घोषणा

कंपनी ने अपने कर्मचारियों के साथ एक बैठक में इस निर्णय की जानकारी दी। बीबीसी के कार्यकारी निदेशक रोडरी टालफन डेविस ने सभी कर्मचारियों को एक ईमेल भेजकर इस फैसले के बारे में बताया। उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि इससे अनिश्चितता उत्पन्न होगी, लेकिन हम इस चुनौती के प्रति पारदर्शी रहना चाहते हैं।'


कटौती के कारण

कई सवाल उठ रहे हैं कि बीबीसी जैसे बड़े संस्थान को इस तरह के कदम उठाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। रोडरी टालफन डेविस ने ईमेल में बताया कि यह कटौती महंगाई, लाइसेंस शुल्क और आय पर बढ़ते दबाव के कारण की जा रही है। इसके अलावा, वैश्विक अर्थव्यवस्था में अस्थिरता को भी एक महत्वपूर्ण कारण माना गया है।


पहले से संकेत

बीबीसी ने इस वर्ष की शुरुआत में ही संकेत दिया था कि वह वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है। इसी कारण से बजट में कटौती की अटकलें लगाई जा रही थीं, और अब यह स्पष्ट हो गया है कि कंपनी 10 प्रतिशत तक कटौती करेगी। इस कटौती का प्रभाव सीधे तौर पर कर्मचारियों पर पड़ेगा, और कंपनी ने 2029 तक इस लक्ष्य को पूरा करने का संकल्प लिया है।