ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने साझा संकल्पों की दिशा में उठाए कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन में साझा संकल्पों को अपनाने का प्रस्ताव रखा, जिसमें वैश्विक सहयोग और तकनीकी भागीदारी पर जोर दिया गया। उन्होंने बैठक की सार्थकता और भारत की अध्यक्षता की प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ एक ऐतिहासिक क्षण है और भविष्य के लिए एक महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करने की आवश्यकता है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान उठाए गए कदम और मोदी के विचार।
Sep 13, 2026, 12:12 IST
ब्रिक्स सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में पीएम मोदी का प्रस्ताव
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए प्राथमिकताओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि किसी सदस्य को कोई आपत्ति नहीं है, तो मैं डिक्लेरेशन को अपनाने का प्रस्ताव रखता हूं। किसी सदस्य ने आपत्ति नहीं जताई है, इसलिए न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया जाता है।
बैठक की सार्थकता और साझा प्रतिबद्धता
पीएम मोदी ने सभी सदस्यों से अनुरोध किया कि वे इस प्रस्ताव को ध्यान से देखें। उन्होंने कहा कि आज की बैठक अत्यंत सार्थक और रचनात्मक रही। विचारों की विविधता के साथ-साथ ब्रिक्स सहयोग के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता भी स्पष्ट हुई है। चर्चा से यह स्पष्ट है कि बदलते विश्व का संचालन पुराने संस्थानों से नहीं किया जा सकता। रिप्रेजेंटेशन, रिस्पॉन्सिवनेस और नियम निर्माण में सुधार की आवश्यकता है। भविष्य की तकनीक और उनके नियमों में ग्लोबल साउथ की समान भागीदारी होनी चाहिए। निर्णयों और उनके परिणामों के बीच की दूरी को साझेदारी और सामूहिक कार्रवाई से कम करना होगा। आज अपनाया गया न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन हमारे साझा संकल्प को स्पष्ट दिशा प्रदान करता है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलें। ब्रिक्स चेयर के रूप में आपके योगदान और प्रतिबद्धता के लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। इस सेशन के समापन की घोषणा करता हूं।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता और भविष्य की योजनाएं
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में सभी का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता मानवता केंद्रित और सहयोग पर आधारित है। हमारी प्राथमिकताएं हैं: रिजिलियंस, इनोवेशन, सहयोग और स्थिरता। इन प्राथमिकताओं के साथ हमने ब्रिक्स सहयोग को आम जनता से जोड़ने का प्रयास किया है। 350 से अधिक बैठकों का आयोजन किया गया है। लगभग 30 शहरों में आपकी टीमों का स्वागत करने का अवसर मिला। इस वर्ष की ब्रिक्स समिट एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि हम ब्रिक्स की 20वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। 20 वर्ष की आयु मानव जीवन में जिम्मेदारियों के नए चरण का आरंभ करती है। पिछले 20 वर्षों में ब्रिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बनाई है। हम एक-दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करते हैं और सहमति से आगे बढ़ते हैं। अब समय है कि हम ब्रिक्स में एकता और सहमति को वैश्विक मंच पर ठोस परिणामों में बदलें। अगले 20 वर्षों के लिए हमें एक नए और महत्वाकांक्षी एजेंडे पर काम करना होगा। इसकी शुरुआत हमें अपने कार्य प्रणाली से करनी होगी। ब्रिक्स की अध्यक्षता हर वर्ष बदलती है, लेकिन इसका संस्थागत मोमेंटम नहीं रुकना चाहिए। मैं ब्रिक्स निरंतरता और कार्यान्वयन तंत्र का प्रस्ताव रखता हूं, जिसके तहत सभी पहलों और परिणामों का फॉलो-अप किया जा सकेगा। हम एक सुरक्षित डिजिटल रिपोजिटरी बना सकते हैं।