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ब्रिटेन ने इजराइली बस्तियों पर प्रतिबंधों की घोषणा की

ब्रिटेन ने वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है, जिसमें फलस्तीनी क्षेत्रों से वस्तुओं के आयात पर रोक भी शामिल है। विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने इस कदम को ब्रिटिश यहूदी विरासत के संदर्भ में पेश किया। उन्होंने कहा कि यह कदम कब्जे के गैर-कानूनी होने को दर्शाता है। इस घोषणा के साथ 11 अन्य देशों ने भी इजराइल की कार्रवाई की निंदा की है। ब्रिटिश यहूदी संगठनों ने इस कदम की आलोचना की है, जबकि फलस्तीन के राजदूत ने इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया है।
 

ब्रिटेन का नया कदम

(अदिति खन्ना) लंदन, 8 सितंबर - ब्रिटेन ने मंगलवार को वेस्ट बैंक में इजराइली बस्तियों पर नए प्रतिबंध लगाने का ऐलान किया है, साथ ही फलस्तीनी क्षेत्रों से वस्तुओं के आयात पर भी रोक लगा दी है। इस घोषणा के दौरान ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड और प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम हाउस ऑफ कॉमन्स में उपस्थित थे। मिलिबैंड ने ब्रिटिश यहूदी विरासत पर जोर देते हुए कहा कि यह प्रतिबंध एक नई और व्यापक व्यवस्था का हिस्सा हैं।


आर्थिक रिश्तों में बदलाव

मिलिबैंड ने सांसदों को बताया कि सरकार का मानना है कि कब्जे वाले क्षेत्रों के साथ आर्थिक संबंधों में इस कब्जे की अवैधता को दर्शाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, "इसलिए, मैं आज यह घोषणा कर रहा हूं कि हम गैर-कानूनी बस्तियों से आने वाली वस्तुओं पर आयात प्रतिबंध लगाएंगे।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बस्तियों के विस्तार से जुड़े निर्माण और वित्तपोषण करने वाली कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


जातीय सफाये का मुद्दा

मिलिबैंड ने संयुक्त राष्ट्र की जातीय सफाये की परिभाषा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक विशेष जातीय या धार्मिक समूह द्वारा अपनाई गई नीति है, जिसका उद्देश्य किसी अन्य समूह को विशेष क्षेत्रों से हटाना है। उन्होंने कहा, "ब्रिटेन सरकार इस बात से सहमत है कि वेस्ट बैंक में फलस्तीनियों का जातीय सफाया हो रहा है।"


अंतरराष्ट्रीय समर्थन

यह घोषणा इजराइल-फलस्तीन विवाद पर ब्रिटेन के रुख के समर्थन में 11 अन्य देशों के संयुक्त बयान के साथ आई। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने कहा कि इजराइल की कार्रवाई द्वि-राष्ट्र समाधान की संभावनाओं को कम कर रही है। संयुक्त बयान में कहा गया है कि ये देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध बस्तियों के साथ वस्तुओं के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने का इरादा रखते हैं।


ब्रिटिश यहूदी संगठनों की प्रतिक्रिया

इस बीच, ब्रिटेन के कई यहूदी संगठनों ने सरकार पर आरोप लगाया है कि उसने इजराइली बस्तियों से वस्तुओं के आयात पर रोक लगाकर ब्रिटिश यहूदियों को और अधिक निशाने पर ला दिया है। वहीं, ब्रिटेन में फलस्तीन के राजदूत हुसाम ज़ोमलोट ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे ब्रिटेन-फलस्तीन संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया।